• 6) इसके पश्चात् वस्त्र पर अक्षत और ऊपर कलश स्थापत करें। कलश पर एक कटोरी में अक्षत भर दें और किसी भी वृक्ष का एक पत्ता कहा कर दें। 'ॐ सर्व पितृभ्यो नम:' मंत्र बोलते हुए कलश में जल भरें।

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    6) इसके पश्चात् वस्त्र पर अक्षत और ऊपर कलश स्थापत करें। कलश पर एक कटोरी में अक्षत भर दें और किसी भी वृक्ष का एक पत्ता कहा कर दें। 'ॐ सर्व पितृभ्यो नम:' मंत्र बोलते हुए कलश में जल भरें। #scrolllink #ishaputra #Amavsya #Shraddh #PitruPaksha #iksvp
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  • 7) इसके पश्चात् सभी पत्तों पर मौली रख दें और सर्व पितृ यन्त्र मंडल का निर्माण करें।

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    7) इसके पश्चात् सभी पत्तों पर मौली रख दें और सर्व पितृ यन्त्र मंडल का निर्माण करें। #scrolllink #ishaputra #Amavsya #Shraddh #PitruPaksha #iksvp
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  • 8) सर्व पितृ यन्त्र मंडल का निर्माण कर उसे कलश के ऊपर स्थापित कर धूप-दीप दिखाएँ व पूर्वजों का मानसिक आवाहन करें।

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    8) सर्व पितृ यन्त्र मंडल का निर्माण कर उसे कलश के ऊपर स्थापित कर धूप-दीप दिखाएँ व पूर्वजों का मानसिक आवाहन करें। #scrolllink #ishaputra #Amavsya #Shraddh #PitruPaksha #iksvp
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  • 9) पत्तों के मध्य में निर्माल्य पात्र को स्थापित करें व कुलान्त कुलाचार लघु पितृ तर्पण विधि का पाठ शुरू करें। (जो लोग मंत्र पढ़ने में असमर्थ हैं वो नीचे पोस्ट किये गए ऑडियो से अपने पूजन क्रम को पूर्ण करें। इस सम्पूर्ण क्रम में तर्पयामि और स्वाहा बोलते हुए जल को यन्त्र मंडल को दिखाते हुए निर्माल्य पात्र में छोड़ दें )

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    9) पत्तों के मध्य में निर्माल्य पात्र को स्थापित करें व कुलान्त कुलाचार लघु पितृ तर्पण विधि का पाठ शुरू करें। (जो लोग मंत्र पढ़ने में असमर्थ हैं वो नीचे पोस्ट किये गए ऑडियो से अपने पूजन क्रम को पूर्ण करें। इस सम्पूर्ण क्रम में तर्पयामि और स्वाहा बोलते हुए जल को यन्त्र मंडल को दिखाते हुए निर्माल्य पात्र में छोड़ दें ) #scrolllink #ishaputra #Amavsya #Shraddh #PitruPaksha #iksvp
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  • 10) आचमनी से प्रत्येक मन्त्र के समाप्त होते ही जल निर्माल्य पात्र में छोड़ दें। ऐसा सम्पूर्ण क्रम में करें।

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  • 11) सम्पूर्ण पूजन क्रम की समाप्ति के बाद शिवलिंग पर महामृत्युंजय मंत्र बोलते हुए जल पुष्प कुमकुम चढ़ाएं और प्रणाम करें।

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  • 12) सब समाप्त होने के बाद सभी पत्तों को एक थाली में उठा कर रख दें. 18 पत्तों में से एक पत्ता ग्रास गौ माता का और एक कुत्ते का होता है। ये सभी पत्ते पशु-पक्षियों को या जल में मछलियों को प्रदान करें।
    Q-क्या मैं रात को ये पूजा विधि कर सकता हूँ? A-आज रात्रि 4 बजे तक आप ये प्रयोग कर सकते हैं।
    Q-मेरे पास पूरी सामग्रियां नहीं है क्या करूँ? A-जीतनी सामग्री है उसी से पूजन संपन्न करें, पूजन तो एक फल सेब केला आदि से भी सम्पन्न हो जायेगा।
    Q-मुझसे शायद यन्त्र ठीक न बने, क्या करूँ? A-आपको यन्त्र की केवल रूपरेखा बनानी है बीज मंत्र लिखना अनिवार्य नहीं।
    Q-क्या मैं भोजन बनाने में किसी की सहायता ले सकता हूँ? A-ले सकते हैं किन्तु पवित्रता का ध्यान रखें।
    Q-क्या मैं अभी रात्रि में करू? A-जी हाँ! ग्रहण काल में बहुत अधिक लाभ मिलता है।
    Q-किस चीज़ का ध्यान रखूं? A-पूजन विधि में अपने केवल उन्हीं सम्बन्धियों का तर्पण करें जिनका स्वर्गवास हो गया हो।

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    12) सब समाप्त होने के बाद सभी पत्तों को एक थाली में उठा कर रख दें. 18 पत्तों में से एक पत्ता ग्रास गौ माता का और एक कुत्ते का होता है। ये सभी पत्ते पशु-पक्षियों को या जल में मछलियों को प्रदान करें। Q-क्या मैं रात को ये पूजा विधि कर सकता हूँ? A-आज रात्रि 4 बजे तक आप ये प्रयोग कर सकते हैं। Q-मेरे पास पूरी सामग्रियां नहीं है क्या करूँ? A-जीतनी सामग्री है उसी से पूजन संपन्न करें, पूजन तो एक फल सेब केला आदि से भी सम्पन्न हो जायेगा। Q-मुझसे शायद यन्त्र ठीक न बने, क्या करूँ? A-आपको यन्त्र की केवल रूपरेखा बनानी है बीज मंत्र लिखना अनिवार्य नहीं। Q-क्या मैं भोजन बनाने में किसी की सहायता ले सकता हूँ? A-ले सकते हैं किन्तु पवित्रता का ध्यान रखें। Q-क्या मैं अभी रात्रि में करू? A-जी हाँ! ग्रहण काल में बहुत अधिक लाभ मिलता है। Q-किस चीज़ का ध्यान रखूं? A-पूजन विधि में अपने केवल उन्हीं सम्बन्धियों का तर्पण करें जिनका स्वर्गवास हो गया हो। #scrolllink #ishaputra #Amavsya #Shraddh #PitruPaksha #iksvp
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  • आज की रात्रि सोने की रात्रि नहीं है अपितु साधना मंत्र जाप की रात्रि है।

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  • आज की रात्रि सोने की रात्रि नहीं है अपितु साधना मंत्र जाप की रात्रि है।

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