Mises à jour récentes
-
Chinese Thali. Chinese Thali me Gulab Jamun de rahe he. #lol0 Commentaires 0 Parts 289 Vue 0 Aperçu
3
Connectez-vous pour aimer, partager et commenter! -
1 Commentaires 0 Parts 267 Vue 0 Aperçu
5
-
#indigo1 Commentaires 0 Parts 289 Vue 0 Aperçu
2
-
Putin when he comes to India. Hes Rajputin. #Rajputin1 Commentaires 0 Parts 586 Vue 0 Aperçu
4
-
Guess the name of the flower.
The flower is so awesome that i went near it and after some time honeybee started hobering around me.
#laxmiphoolGuess the name of the flower. The flower is so awesome that i went near it and after some time honeybee started hobering around me. #laxmiphool0 Commentaires 0 Parts 718 Vue 0 Aperçu
3
-
Gaudhuli sajh
Gaudhuli sajh1 Commentaires 0 Parts 277 Vue 0 Aperçu
5
-
A clear view of Mahahialaya from nagarkot, Kathmandu. #himalaya #kulantpeeth1 Commentaires 0 Parts 715 Vue 0 Aperçu
4
-
Kathmandu @1967. #kathmandu #Nepal1 Commentaires 0 Parts 770 Vue 0 Aperçu3
-
पुलिस संरक्षण में रखी गई ब्रह्मा मूर्ति को उसके मूल मंदिर के आसन पर पुनः स्थापित किया गया है।
महानगरपालिका के वार्ड नं. ८ ने उस खोए हुए मंदिर की खुदाई कर मूर्ति को पुनः स्थापित कराया।
ब्रह्मा की मूर्ति के चोरी होकर मिलने और संरक्षण में रखे जाने के विषय में जानकारी देते हुए वार्ड अध्यक्ष आशामान संगत ने बुज़ुर्ग स्थानीय लोगों के कथन का उल्लेख करते हुए कहा, “एक पक्ष का कहना है कि चोर मूर्ति चुराकर ले जा रहे थे, लेकिन ले नहीं जा सके, इसलिए उसे धोबी खोंला (नदी) में फेंक दिया। दूसरे पक्ष का कहना है कि उसे पशुपति के तिलगंगा क्षेत्र में फेंका गया था। चाहे जहाँ भी फेंका गया हो, मूर्ति सन् १९७९ से १९८१ (वि.सं. २०३६ से २०३८) के बीच आसन से चोरी हुई थी। और जहाँ से वह फेंकी गई थी, वहीं से पुलिस ने उसे लाकर अपने परिसर में सुरक्षित रखा था — यह बात सत्य है।”
वार्ड अध्यक्ष संगत के अनुसार यह मंदिर खुद लगभग सौ वर्षों से गुम था। इस स्थान पर केवल झाड़ियाँ थीं। पुरातत्व विभाग के सहयोग से खुदाई के बाद इसकी प्राचीनता का अध्ययन किया गया। अध्ययन से यह अनुमान लगाया गया कि यह मंदिर छठी से सातवीं शताब्दी के बीच निर्मित हुआ था।
#brahmaji #brahma #kathmandu #nepal #satyayugaपुलिस संरक्षण में रखी गई ब्रह्मा मूर्ति को उसके मूल मंदिर के आसन पर पुनः स्थापित किया गया है। महानगरपालिका के वार्ड नं. ८ ने उस खोए हुए मंदिर की खुदाई कर मूर्ति को पुनः स्थापित कराया। ब्रह्मा की मूर्ति के चोरी होकर मिलने और संरक्षण में रखे जाने के विषय में जानकारी देते हुए वार्ड अध्यक्ष आशामान संगत ने बुज़ुर्ग स्थानीय लोगों के कथन का उल्लेख करते हुए कहा, “एक पक्ष का कहना है कि चोर मूर्ति चुराकर ले जा रहे थे, लेकिन ले नहीं जा सके, इसलिए उसे धोबी खोंला (नदी) में फेंक दिया। दूसरे पक्ष का कहना है कि उसे पशुपति के तिलगंगा क्षेत्र में फेंका गया था। चाहे जहाँ भी फेंका गया हो, मूर्ति सन् १९७९ से १९८१ (वि.सं. २०३६ से २०३८) के बीच आसन से चोरी हुई थी। और जहाँ से वह फेंकी गई थी, वहीं से पुलिस ने उसे लाकर अपने परिसर में सुरक्षित रखा था — यह बात सत्य है।” वार्ड अध्यक्ष संगत के अनुसार यह मंदिर खुद लगभग सौ वर्षों से गुम था। इस स्थान पर केवल झाड़ियाँ थीं। पुरातत्व विभाग के सहयोग से खुदाई के बाद इसकी प्राचीनता का अध्ययन किया गया। अध्ययन से यह अनुमान लगाया गया कि यह मंदिर छठी से सातवीं शताब्दी के बीच निर्मित हुआ था। #brahmaji #brahma #kathmandu #nepal #satyayuga2 Commentaires 1 Parts 993 Vue 0 Aperçu
4
-
Brahma ji k murti sthapit ho raha he Kathmandu me Gayatri Marg me 40 saal k baad
Return of Satya yugaBrahma ji k murti sthapit ho raha he Kathmandu me Gayatri Marg me 40 saal k baad Return of Satya yuga 🙏🙏🙏1 Commentaires 0 Parts 595 Vue 0 Aperçu
6
-
Jai ho Pashupatinath #nepal #pashupatinath1 Commentaires 0 Parts 822 Vue 0 Aperçu
5
-
Chotamota puja for Deewali. HAPPY DEWALI 2025. #DEEWALI #NEPAL1 Commentaires 0 Parts 1KB Vue 0 Aperçu
4
Plus de lecture