• The idea of Akhand Bharat holds great importance as it reflects the vision of unity, cultural harmony, and shared heritage across the Indian subcontinent. It symbolizes the belief that the regions which once shared common history, traditions, and spiritual values can stand together in peace and cooperation. Akhand Bharat is not just about geographical boundaries, but about strengthening bonds of brotherhood, respect, and mutual growth among people who have deep cultural and historical ties. Its importance lies in reminding us of our collective identity, rich civilization, and the need to overcome divisions for a stronger, more united future rooted in harmony and prosperity.' -Life Unfold.

    #akhandBharat #scrolllink #rashtra #love #matribhumi #BharatMata
    The idea of Akhand Bharat holds great importance as it reflects the vision of unity, cultural harmony, and shared heritage across the Indian subcontinent. It symbolizes the belief that the regions which once shared common history, traditions, and spiritual values can stand together in peace and cooperation. Akhand Bharat is not just about geographical boundaries, but about strengthening bonds of brotherhood, respect, and mutual growth among people who have deep cultural and historical ties. Its importance lies in reminding us of our collective identity, rich civilization, and the need to overcome divisions for a stronger, more united future rooted in harmony and prosperity.' -Life Unfold. #akhandBharat #scrolllink #rashtra #love #matribhumi #BharatMata
    Like
    Love
    4
    0 Σχόλια 0 Μοιράστηκε 3χλμ. Views 0 Προεπισκόπηση
  • Happy vijaya dashami 2082 v.s.
    Happy vijaya dashami 2082 v.s.
    Love
    Like
    3
    0 Σχόλια 0 Μοιράστηκε 475 Views 0 Προεπισκόπηση
  • Baba ji Rocks

    #yogiji #chuslam #hindurise #ILoveIshaputra
    Baba ji Rocks 😇🙏 #yogiji #chuslam #hindurise #ILoveIshaputra
    Like
    Haha
    2
    0 Σχόλια 0 Μοιράστηκε 3χλμ. Views 0 Προεπισκόπηση
  • Muhammad not welcome

    #muhammad #chuslam #antihindu #malechchh #iLoveIshaputra
    Muhammad not welcome #muhammad #chuslam #antihindu #malechchh #iLoveIshaputra
    Like
    Haha
    2
    0 Σχόλια 0 Μοιράστηκε 3χλμ. Views 0 Προεπισκόπηση
  • सिद्ध धर्म में कुमारी वह छोटी कन्या होती है जिसका मासिक धर्म अभी तक शुरू नहीं हुआ हो, इसलिए उसे जीवित देवी माना जाता है। कुमारी में देवी यौगमाया का आवास माना जाता है और इसी कारण उसकी पूजा शक्ति की सबसे पवित्र उपासना के रूप में की जाती है। अधिकतर परंपराओं में कुमारी की उम्र १६ साल तक मानी जा सकती है, बशर्ते कि वह रजस्वला न हुई हो। जैसे ही लड़की का मासिक धर्म शुरू होता है, वह कुमारी की भूमिका छोड़ देती है और उसकी जगह किसी नई योग्य कन्या को यह दिव्य स्थिति दी जाती है। सिद्ध परंपरा के अनुसार, कुमारी पूजन की परंपरा प्राचीन कश्मीर से आरंभ हुई और आज भी यह जीवित है, जहाँ लोग मासूम बालिका में देवी के दिव्य रूप को देख कर उसकी पूजा करते हैं।

    #Kumari #SiddhaDharma #KaulantakPeeth #YogMaya #KurukullaDevi
    सिद्ध धर्म में कुमारी वह छोटी कन्या होती है जिसका मासिक धर्म अभी तक शुरू नहीं हुआ हो, इसलिए उसे जीवित देवी माना जाता है। कुमारी में देवी यौगमाया का आवास माना जाता है और इसी कारण उसकी पूजा शक्ति की सबसे पवित्र उपासना के रूप में की जाती है। अधिकतर परंपराओं में कुमारी की उम्र १६ साल तक मानी जा सकती है, बशर्ते कि वह रजस्वला न हुई हो। जैसे ही लड़की का मासिक धर्म शुरू होता है, वह कुमारी की भूमिका छोड़ देती है और उसकी जगह किसी नई योग्य कन्या को यह दिव्य स्थिति दी जाती है। सिद्ध परंपरा के अनुसार, कुमारी पूजन की परंपरा प्राचीन कश्मीर से आरंभ हुई और आज भी यह जीवित है, जहाँ लोग मासूम बालिका में देवी के दिव्य रूप को देख कर उसकी पूजा करते हैं। #Kumari #SiddhaDharma #KaulantakPeeth #YogMaya #KurukullaDevi
    Love
    Like
    wow
    5
    0 Σχόλια 0 Μοιράστηκε 3χλμ. Views 0 Προεπισκόπηση
  • Like
    Love
    2
    0 Σχόλια 0 Μοιράστηκε 927 Views 0 Προεπισκόπηση
  • Love
    Like
    3
    0 Σχόλια 0 Μοιράστηκε 880 Views 0 Προεπισκόπηση
  • दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है, भारत के प्रमुख पर्वों में से एक है और यह हर वर्ष आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम ने अहंकारी रावण का वध करके धर्म और सत्य की विजय का संदेश दिया था। इसलिए इसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। दशहरे का पर्व हमें यह सिखाता है कि चाहे असत्य और अन्याय कितना भी शक्तिशाली क्यों न लगे, अंततः पराजित होता है और धर्म व सद्गुण ही स्थायी रहते हैं। इस दिन लोग रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले जलाकर बुराइयों के अंत का संदेश देते हैं। यह केवल एक धार्मिक उत्सव ही नहीं बल्कि आत्मचिंतन का अवसर भी है, जब हम अपने भीतर के क्रोध, लोभ, अहंकार और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों को पहचानकर उन्हें समाप्त करने का संकल्प लेते हैं। दशहरे का वास्तविक महत्व यही है कि हम अपने जीवन में मर्यादा, सदाचार, करुणा, साहस और सत्य जैसे गुणों को अपनाएँ और समाज में धर्म, न्याय तथा सद्भावना का प्रसार करें। इस प्रकार यह पर्व हमें हर वर्ष प्रेरित करता है कि जीवन के हर क्षेत्र में सत्य और सद्गुणों का साथ देकर विजय प्राप्त की जा सकती है।
    #dushehra #vijayadashmi #bhagwanram #ravana #festival #scrolllink
    दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है, भारत के प्रमुख पर्वों में से एक है और यह हर वर्ष आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम ने अहंकारी रावण का वध करके धर्म और सत्य की विजय का संदेश दिया था। इसलिए इसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। दशहरे का पर्व हमें यह सिखाता है कि चाहे असत्य और अन्याय कितना भी शक्तिशाली क्यों न लगे, अंततः पराजित होता है और धर्म व सद्गुण ही स्थायी रहते हैं। इस दिन लोग रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले जलाकर बुराइयों के अंत का संदेश देते हैं। यह केवल एक धार्मिक उत्सव ही नहीं बल्कि आत्मचिंतन का अवसर भी है, जब हम अपने भीतर के क्रोध, लोभ, अहंकार और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों को पहचानकर उन्हें समाप्त करने का संकल्प लेते हैं। दशहरे का वास्तविक महत्व यही है कि हम अपने जीवन में मर्यादा, सदाचार, करुणा, साहस और सत्य जैसे गुणों को अपनाएँ और समाज में धर्म, न्याय तथा सद्भावना का प्रसार करें। इस प्रकार यह पर्व हमें हर वर्ष प्रेरित करता है कि जीवन के हर क्षेत्र में सत्य और सद्गुणों का साथ देकर विजय प्राप्त की जा सकती है। #dushehra #vijayadashmi #bhagwanram #ravana #festival #scrolllink
    Like
    wow
    2
    0 Σχόλια 0 Μοιράστηκε 3χλμ. Views 0 Προεπισκόπηση
  • सिद्ध धर्म के अनुसार, Dussehra और राम-रावण की कथा हमें अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देती है। राम का रावण पर विजय पाना केवल बाहरी युद्ध नहीं था, बल्कि यह आत्मिक बुराइयों, अहंकार और अज्ञानता पर जीत का प्रतीक है। सिद्ध धर्म में कहा गया है कि हर जीव में दिव्य शक्ति विद्यमान है, और सही साधना, अनुशासन और गुरु के मार्गदर्शन से हम अपने भीतर की रावण—अर्थात् लालच, क्रोध, अहंकार—को हराकर सत्य, धर्म और आत्म-साक्षात्कार की ओर बढ़ सकते हैं। इसलिए दशहरा सिर्फ़ बुराई पर अच्छाई की जीत का त्यौहार नहीं, बल्कि साधक के जीवन में आंतरिक विजय का प्रतीक भी है|

    #SiddhaDharma #Dussehra #KaulantakPeeth #Durga #BhagwatiKurukulla #RamRavan


    सिद्ध धर्म के अनुसार, Dussehra और राम-रावण की कथा हमें अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देती है। राम का रावण पर विजय पाना केवल बाहरी युद्ध नहीं था, बल्कि यह आत्मिक बुराइयों, अहंकार और अज्ञानता पर जीत का प्रतीक है। सिद्ध धर्म में कहा गया है कि हर जीव में दिव्य शक्ति विद्यमान है, और सही साधना, अनुशासन और गुरु के मार्गदर्शन से हम अपने भीतर की रावण—अर्थात् लालच, क्रोध, अहंकार—को हराकर सत्य, धर्म और आत्म-साक्षात्कार की ओर बढ़ सकते हैं। इसलिए दशहरा सिर्फ़ बुराई पर अच्छाई की जीत का त्यौहार नहीं, बल्कि साधक के जीवन में आंतरिक विजय का प्रतीक भी है| #SiddhaDharma #Dussehra #KaulantakPeeth #Durga #BhagwatiKurukulla #RamRavan
    Love
    Like
    wow
    4
    1 Σχόλια 0 Μοιράστηκε 3χλμ. Views 0 Προεπισκόπηση
  • महालक्ष्मी, अनंत शक्ति और समृद्धि की देवी, अपने चार हाथों से जीवन में प्रकाश, संरक्षण और शुभता भरती हैं। एक हाथ में खिलता कमल, एक में सोने का कलश, एक आशीर्वाद मुद्रा और एक रक्षा मुद्रा उनके दिव्य स्वरूप का प्रतीक हैं। कौलांतक पीठ में ऐसा कहा जाता है कि महालक्ष्मी के दर्शन और साधना से जीवन में धन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। उनका सुनहरा मुकुट, लाल और सुनहरी आभा, और चारों ओर बिखरी हुई दिव्य चमक जैसे स्वर्ग का नजारा प्रस्तुत करती है। उनके दर्शन से मन को शांति, धन को वृद्धि और जीवन को एक दिव्य संगीतमय संतुलन मिलता है।

    #MahaLakshmi #Yogini #KaulantakPeeth #Lakshmi #Bhagwati
    महालक्ष्मी, अनंत शक्ति और समृद्धि की देवी, अपने चार हाथों से जीवन में प्रकाश, संरक्षण और शुभता भरती हैं। एक हाथ में खिलता कमल, एक में सोने का कलश, एक आशीर्वाद मुद्रा और एक रक्षा मुद्रा उनके दिव्य स्वरूप का प्रतीक हैं। कौलांतक पीठ में ऐसा कहा जाता है कि महालक्ष्मी के दर्शन और साधना से जीवन में धन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। उनका सुनहरा मुकुट, लाल और सुनहरी आभा, और चारों ओर बिखरी हुई दिव्य चमक जैसे स्वर्ग का नजारा प्रस्तुत करती है। उनके दर्शन से मन को शांति, धन को वृद्धि और जीवन को एक दिव्य संगीतमय संतुलन मिलता है। #MahaLakshmi #Yogini #KaulantakPeeth #Lakshmi #Bhagwati
    Love
    Like
    wow
    5
    2 Σχόλια 0 Μοιράστηκε 3χλμ. Views 0 Προεπισκόπηση