ॐ" यानि ओंकार ही महानाद है। ओंकार की साधना, नाद की साधना सबसे सरल योग है। "ॐ" ही स्वयं "महादेव शिव" हैं। ओंकार जीवन को अध्यात्म से जोड़ देता है और जीवन में प्रसन्नता और प्रेम को पल्लवित करता है। "महाहिमालय" के सभी सिद्धों का ध्यान केवल ओंकार यानि ॐ में ही निहित है। ॐ ही "महासमाधि" है। "
ॐ" यानि ओंकार ही महानाद है। ओंकार की साधना, नाद की साधना सबसे सरल योग है। "ॐ" ही स्वयं "महादेव शिव" हैं। ओंकार जीवन को अध्यात्म से जोड़ देता है और जीवन में प्रसन्नता और प्रेम को पल्लवित करता है। "महाहिमालय" के सभी सिद्धों का ध्यान केवल ओंकार यानि ॐ में ही निहित है। ॐ ही "महासमाधि" है। "
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