"ईशपुत्र-कौलान्तक नाथ" के दिव्य "वचन"

१) अपने मुख में स्थित जिह्वा को ईश्वर और उसके संतों (दूतों) के यशोगान में लगा दो, तो त्रिलोकी, ब्रह्माण्ड और ईश्वर तुम पर अपना स्नेह बरसाने लगेंगे। जीवन में ईश्वरीय चमत्कार होगा।
"ईशपुत्र-कौलान्तक नाथ" के दिव्य "वचन" १) अपने मुख में स्थित जिह्वा को ईश्वर और उसके संतों (दूतों) के यशोगान में लगा दो, तो त्रिलोकी, ब्रह्माण्ड और ईश्वर तुम पर अपना स्नेह बरसाने लगेंगे। जीवन में ईश्वरीय चमत्कार होगा।
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