धधक रही है ज्वाला
हाथों में ले कर भाला
चहुँ ओर कलियुग काला
ईशपुत्र भैरव तू जाग
चीर अँधेरा कर उजियाला!
धधक रही है ज्वाला
धधक रही है ज्वाला

रण के हाथी घोड़े छोड़
विकृत हृदय के बंध तोड़
मानव को झकझोर
मचा धर्म का शोर
हाहाकारी भैरव जाग
कुचल विधर्मी नाग
षड़यंत्रों को तोड़
मृत्यु भय को छोड़
किसी से न डर
युद्ध कर युद्ध कर
दबोच कलियुग काला
धधक रही है ज्वाला
हाथों में ले कर भाला
चहुँ ओर कलियुग काला
ईशपुत्र भैरव तू जाग
चीर अँधेरा कर उजियाला!
धधक रही है ज्वाला
धधक रही है ज्वाला
-Yogini R Nath

#Ishaputra #MahasiddhaIshaputra #MahayogiSatyendraNath #IshaputraBhajan #HimalayanMahasiddha #SiddhaDharma #KulantNath #KaulantakNath #iloveishaputra #scrolllink
Love
4
0 Σχόλια 0 Μοιράστηκε 148 Views 0 Προεπισκόπηση