JNU में पहचान के लिए फ़ेस-रिकग्निशन मशीन लग गई, तो JNU के नक्सली-आतंकवादी इसे निजता पर हमला बताकर परिसर में तोड़-फोड़ करने लगे…
जब ये नौकरी करने जाएंगे तो हर कंपनी और हर ऑफिस में अटेंडेंस के लिए यही मशीनें लगी होती हैं। मोबाइल का लॉक भी चेहरे से ही खुलता है। Android फ़ोन इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपकी निजता तो पहले ही आपकी गाँव में घुस चुकी है…
तो फिर ये किस निजता की लड़ाई लड़ रहे हैं?
हमारे-आपके टैक्स का पैसा इन नक्सलियों को पालने के लिए इस यूनिवर्सिटी पर क्यों खर्च किया जा रहा है? यह विश्वविद्यालय तुरंत प्रभाव से बंद क्यों नहीं कर दिया जाता?

#JNU #Malechh #Daitya #Gandagi #killTheComred #LeftistVirus #scrolllink
JNU में पहचान के लिए फ़ेस-रिकग्निशन मशीन लग गई, तो JNU के नक्सली-आतंकवादी इसे निजता पर हमला बताकर परिसर में तोड़-फोड़ करने लगे… जब ये नौकरी करने जाएंगे तो हर कंपनी और हर ऑफिस में अटेंडेंस के लिए यही मशीनें लगी होती हैं। मोबाइल का लॉक भी चेहरे से ही खुलता है। Android फ़ोन इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपकी निजता तो पहले ही आपकी गाँव में घुस चुकी है… तो फिर ये किस निजता की लड़ाई लड़ रहे हैं? हमारे-आपके टैक्स का पैसा इन नक्सलियों को पालने के लिए इस यूनिवर्सिटी पर क्यों खर्च किया जा रहा है? यह विश्वविद्यालय तुरंत प्रभाव से बंद क्यों नहीं कर दिया जाता? #JNU #Malechh #Daitya #Gandagi #killTheComred #LeftistVirus #scrolllink
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