ईशपुत्र-कौलान्तक नाथ के दिव्य वचन

६) मेरे वचनों पर श्रद्धा रख, अपने ईश्वर को सदा पुकारते रहना। क्योंकि मैंने उसका स्नेह पुकारने के कारण पाया और अब वो तुम्हारी ओर देखते है।
Like
Love
2
0 Commentarii 0 Distribuiri 173 Views 0 previzualizare