#NewsLiveNow असम सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के दूसरी शादी करने के मामलों में कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी पहली पत्नी से कानूनी तौर पर तलाक लिए बिना दूसरी शादी करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

सरकार के प्रस्तावित प्रावधान के अनुसार, ऐसी स्थिति में कर्मचारी के वेतन का 20 प्रतिशत हिस्सा काटकर पहली पत्नी के बैंक खाते में जमा किया जा सकता है। इसके लिए पहली पत्नी को सरकार के समक्ष आवेदन करना होगा। अदालत में मामला लंबित रहने के दौरान भी यह आर्थिक सहायता जारी रखी जा सकती है। 

मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया है कि कार्रवाई केवल वेतन कटौती तक सीमित नहीं रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। सरकार का उद्देश्य पहली पत्नी के आर्थिक हितों की रक्षा करना और बिना कानूनी तलाक के दूसरी शादी के मामलों पर अंकुश लगाना है। 

गौरतलब है कि असम में सरकारी कर्मचारियों के लिए जीवनसाथी के जीवित रहते दूसरी शादी को लेकर पहले से ही सेवा नियम मौजूद हैं। 1965 के असम सिविल सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स के तहत दूसरी शादी के लिए सरकार की अनुमति जरूरी है। उल्लंघन की स्थिति में विभागीय कार्रवाई और गंभीर दंड का प्रावधान भी है। 

सरकार अब इस व्यवस्था को और प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दे रही है। साथ ही, निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को भी इसी तरह की आर्थिक सुरक्षा देने के लिए भविष्य में अलग व्यवस्था पर विचार किए जाने की बात सामने आई है। 


#Assam #HimantaBiswaSarma #AssamGovernment #UCC #BigDecision
#NewsLiveNow असम सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के दूसरी शादी करने के मामलों में कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी पहली पत्नी से कानूनी तौर पर तलाक लिए बिना दूसरी शादी करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  सरकार के प्रस्तावित प्रावधान के अनुसार, ऐसी स्थिति में कर्मचारी के वेतन का 20 प्रतिशत हिस्सा काटकर पहली पत्नी के बैंक खाते में जमा किया जा सकता है। इसके लिए पहली पत्नी को सरकार के समक्ष आवेदन करना होगा। अदालत में मामला लंबित रहने के दौरान भी यह आर्थिक सहायता जारी रखी जा सकती है।  मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया है कि कार्रवाई केवल वेतन कटौती तक सीमित नहीं रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। सरकार का उद्देश्य पहली पत्नी के आर्थिक हितों की रक्षा करना और बिना कानूनी तलाक के दूसरी शादी के मामलों पर अंकुश लगाना है।  गौरतलब है कि असम में सरकारी कर्मचारियों के लिए जीवनसाथी के जीवित रहते दूसरी शादी को लेकर पहले से ही सेवा नियम मौजूद हैं। 1965 के असम सिविल सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स के तहत दूसरी शादी के लिए सरकार की अनुमति जरूरी है। उल्लंघन की स्थिति में विभागीय कार्रवाई और गंभीर दंड का प्रावधान भी है।  सरकार अब इस व्यवस्था को और प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दे रही है। साथ ही, निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को भी इसी तरह की आर्थिक सुरक्षा देने के लिए भविष्य में अलग व्यवस्था पर विचार किए जाने की बात सामने आई है।  #Assam #HimantaBiswaSarma #AssamGovernment #UCC #BigDecision
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