हठ योग के पथ में सिद्धि के लक्षण
१. जब शरीर पतला हो जाये, मुख आनन्द से उज्वल हो जाये, अनहत नाद उत्पन्न हो, आँखें साफ हो जायें, शरीर निरोग हो जाये, बिंदु पर काबु हो जाये, भूख बढ जाये - तब योगी को जानना चाहिये की नाडीयाँ स्वच्छ हो गईं हैं और हठ योग में सिद्धि निकट आ रही है।
१. जब शरीर पतला हो जाये, मुख आनन्द से उज्वल हो जाये, अनहत नाद उत्पन्न हो, आँखें साफ हो जायें, शरीर निरोग हो जाये, बिंदु पर काबु हो जाये, भूख बढ जाये - तब योगी को जानना चाहिये की नाडीयाँ स्वच्छ हो गईं हैं और हठ योग में सिद्धि निकट आ रही है।
हठ योग के पथ में सिद्धि के लक्षण
१. जब शरीर पतला हो जाये, मुख आनन्द से उज्वल हो जाये, अनहत नाद उत्पन्न हो, आँखें साफ हो जायें, शरीर निरोग हो जाये, बिंदु पर काबु हो जाये, भूख बढ जाये - तब योगी को जानना चाहिये की नाडीयाँ स्वच्छ हो गईं हैं और हठ योग में सिद्धि निकट आ रही है।
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