• #NewsLiveNow नैमिषारण्य के जंगलों की कथित अवैध कटाई पर गंभीर सवाल।
    स्थानीय लोगों के आरोपों के अनुसार, रात के समय जंगलों में कटाई की जा रही है और इसमें कुछ पुलिसकर्मियों व अधिकारियों की कथित मिलीभगत हो सकती है।
    इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। लेकिन अगर ये सही हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है।
    हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, वन विभाग और सीतापुर के जिलाधिकारी से अपील करते हैं कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।
    नैमिषारण्य का विकास जरूरी है, लेकिन उसकी प्राकृतिक विरासत की कीमत पर नहीं।
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    #NewsLiveNow नैमिषारण्य के जंगलों की कथित अवैध कटाई पर गंभीर सवाल। स्थानीय लोगों के आरोपों के अनुसार, रात के समय जंगलों में कटाई की जा रही है और इसमें कुछ पुलिसकर्मियों व अधिकारियों की कथित मिलीभगत हो सकती है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। लेकिन अगर ये सही हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है। हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, वन विभाग और सीतापुर के जिलाधिकारी से अपील करते हैं कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो। नैमिषारण्य का विकास जरूरी है, लेकिन उसकी प्राकृतिक विरासत की कीमत पर नहीं। #Naimisharanya #नैमिषारण्य #Sitapur #सीतापुर #NaimisharanyaForest #नैमिषारण्यजंगल #SaveNaimisharanya #जंगल_बचाओ #SaveForests #ForestConservation #IllegalTreeCutting #अवैध_कटाई #UttarPradesh #उत्तरप्रदेश #YogiAdityanath #योगीआदित्यनाथ #CMYogi #UPForestDepartment #वन_विभाग #SitapurDM #जिलाधिकारी_सीतापुर #DistrictMagistrateSitapur #NaimisharanyaCorridor #नैमिषारण्य_कॉरिडोर #NewsLiveNow #Journalism #Environment
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  • #NewsLiveNow नेपाल में हालिया भीषण बाढ़ से हुई तबाही के बीच अब एक और बड़े संकट का खतरा पैदा हो गया है। नेपाल और चीन ने हिमालयी क्षेत्र में संभावित नई बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी की है। पहाड़ों से आए मलबे के कारण नदी का रास्ता अवरुद्ध होने से एक झील जैसी जलराशि बन गई है। लगातार बढ़ता पानी यदि प्राकृतिक अवरोध को तोड़ देता है तो निचले इलाकों में अचानक तेज बाढ़ आ सकती है।

    #HindiNews #LatestNews #NepalFlood #FlashFlood #flood #China
    #NewsLiveNow नेपाल में हालिया भीषण बाढ़ से हुई तबाही के बीच अब एक और बड़े संकट का खतरा पैदा हो गया है। नेपाल और चीन ने हिमालयी क्षेत्र में संभावित नई बाढ़ को लेकर चेतावनी जारी की है। पहाड़ों से आए मलबे के कारण नदी का रास्ता अवरुद्ध होने से एक झील जैसी जलराशि बन गई है। लगातार बढ़ता पानी यदि प्राकृतिक अवरोध को तोड़ देता है तो निचले इलाकों में अचानक तेज बाढ़ आ सकती है। #HindiNews #LatestNews #NepalFlood #FlashFlood #flood #China
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    नेपाल पर फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, मलबे से बनी झील फटने की आशंका; चीन ने जारी किया अलर्ट, 3 दिनों में बढ़ सकता है खतरा
    (न्यूज़लाइवनाउ-Nepal) नेपाल में हालिया भीषण बाढ़ से हुई तबाही के बीच अब एक और बड़े संकट का खतरा पैदा हो गया है। नेपाल और चीन ने हिमालयी क्षेत्र में संभावित नई
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  • #NewsLiveNow ईरान के साथ व्यापक समझौते को लेकर तय 60 दिनों की समयसीमा समाप्त होने के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। खास बात यह है कि ओमान अमेरिका का सहयोगी है और ईरान के साथ बातचीत के जरिए रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के प्रयासों में अहम भूमिका निभा रहा है।

    ट्रंप की धमकी ऐसे समय सामने आई है, जब ईरान के साथ व्यापक परमाणु और सुरक्षा समझौते की दिशा में तय 60 दिन की अवधि पूरी हो चुकी है। समझौते को लेकर अभी तक कोई निर्णायक प्रगति नहीं हो सकी है। इसके चलते अमेरिका की ओर से दबाव बढ़ाने और ईरान पर सख्त रुख अपनाने के संकेत मिल रहे हैं।

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    #NewsLiveNow ईरान के साथ व्यापक समझौते को लेकर तय 60 दिनों की समयसीमा समाप्त होने के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। खास बात यह है कि ओमान अमेरिका का सहयोगी है और ईरान के साथ बातचीत के जरिए रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के प्रयासों में अहम भूमिका निभा रहा है। ट्रंप की धमकी ऐसे समय सामने आई है, जब ईरान के साथ व्यापक परमाणु और सुरक्षा समझौते की दिशा में तय 60 दिन की अवधि पूरी हो चुकी है। समझौते को लेकर अभी तक कोई निर्णायक प्रगति नहीं हो सकी है। इसके चलते अमेरिका की ओर से दबाव बढ़ाने और ईरान पर सख्त रुख अपनाने के संकेत मिल रहे हैं। #newsinhindi #Donaldtrump #oman #america #BombThreat #warzone #latestnewsupdate
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  • #NewsLiveNow उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले स्थित नॉलेज बीम अकादमी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम के दौरान कुछ छात्राओं ने बुर्का पहनकर विभिन्न गानों पर नृत्य किया था। वीडियो सामने आने के बाद इसको लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

    मामले के तूल पकड़ने के बाद स्कूल के प्रबंधक रामकृष्ण मौर्या ने वीडियो संदेश जारी कर सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बुर्का पहनकर प्रस्तुति देने वाली सभी छात्राएं हिंदू थीं और इस आयोजन के पीछे किसी धार्मिक समुदाय की भावनाओं को आहत करने का कोई उद्देश्य नहीं था।

    स्कूल प्रबंधन ने सफाई देते हुए कहा कि छात्राओं की प्रस्तुति केवल मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी धर्म या समुदाय का अपमान करना स्कूल की मंशा नहीं थी।
    रामकृष्ण मौर्या ने भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बनने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यदि कार्यक्रम या वायरल वीडियो से किसी मुस्लिम भाई अथवा किसी अन्य समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं, तो स्कूल प्रबंधन इसके लिए दिल से माफी मांगता है और जरूरत पड़ने पर बार-बार क्षमा मांगने के लिए भी तैयार है।

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    #NewsLiveNow उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले स्थित नॉलेज बीम अकादमी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम के दौरान कुछ छात्राओं ने बुर्का पहनकर विभिन्न गानों पर नृत्य किया था। वीडियो सामने आने के बाद इसको लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। मामले के तूल पकड़ने के बाद स्कूल के प्रबंधक रामकृष्ण मौर्या ने वीडियो संदेश जारी कर सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बुर्का पहनकर प्रस्तुति देने वाली सभी छात्राएं हिंदू थीं और इस आयोजन के पीछे किसी धार्मिक समुदाय की भावनाओं को आहत करने का कोई उद्देश्य नहीं था। स्कूल प्रबंधन ने सफाई देते हुए कहा कि छात्राओं की प्रस्तुति केवल मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी धर्म या समुदाय का अपमान करना स्कूल की मंशा नहीं थी। रामकृष्ण मौर्या ने भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बनने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यदि कार्यक्रम या वायरल वीडियो से किसी मुस्लिम भाई अथवा किसी अन्य समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं, तो स्कूल प्रबंधन इसके लिए दिल से माफी मांगता है और जरूरत पड़ने पर बार-बार क्षमा मांगने के लिए भी तैयार है। #ViralNews #SocialMedia #HinduStudents #GondaSchool #UPPolice #India
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  • #NewsLiveNow 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। सरकार ने 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। अब इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए 3 करोड़ और महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य तय किया गया है। इसके साथ ही देशभर में कुल 6 करोड़ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर लखपति दीदी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।



    #PMModi #LakhpatiDidi #WomenEmpowerment #IndependenceDay #India #15august #IndependenceDay
    #NewsLiveNow 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। सरकार ने 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। अब इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए 3 करोड़ और महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य तय किया गया है। इसके साथ ही देशभर में कुल 6 करोड़ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर लखपति दीदी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। #PMModi #LakhpatiDidi #WomenEmpowerment #IndependenceDay #India #15august #IndependenceDay
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  • #NewsLiveNow 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए युवाओं, तकनीक, शिक्षा, खेल और ऊर्जा क्षेत्र को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। प्रधानमंत्री के संबोधन में आत्मनिर्भर भारत के साथ-साथ नई तकनीकों को बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ी के लिए रोजगार एवं विकास के अवसर तैयार करने पर विशेष जोर रहा।

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    #NewsLiveNow 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए युवाओं, तकनीक, शिक्षा, खेल और ऊर्जा क्षेत्र को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। प्रधानमंत्री के संबोधन में आत्मनिर्भर भारत के साथ-साथ नई तकनीकों को बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ी के लिए रोजगार एवं विकास के अवसर तैयार करने पर विशेष जोर रहा। #newsinhindi #latestnewsupdate #15august #IndependenceDay #PMNarendraModi #AI #science #sports
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    लाल किले से पीएम मोदी के बड़े ऐलान: AI से लेकर परमाणु ऊर्जा और खेल तक नई दिशा
    (न्यूज़लाइवनाउ-New Delhi) 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए युवाओं, तकनीक, शिक्षा,
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  • #NewsLiveNow उत्तराखंड के नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में आने वाले महीनों में चार बड़े रोजगार मेले आयोजित किए जाने की तैयारी है। इन आयोजनों के जरिए करीब 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित होने वाले इन मेलों में देश की कई बड़ी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शामिल होने की संभावना है।

    #newsinhindi #LatestUpdates #uttarakhand #jobvacancy #employmentopportunities
    #NewsLiveNow उत्तराखंड के नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में आने वाले महीनों में चार बड़े रोजगार मेले आयोजित किए जाने की तैयारी है। इन आयोजनों के जरिए करीब 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित होने वाले इन मेलों में देश की कई बड़ी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शामिल होने की संभावना है। #newsinhindi #LatestUpdates #uttarakhand #jobvacancy #employmentopportunities
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    उत्तराखंड में युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर, चार मेगा जॉब फेयर में 10 हजार नौकरियां
    (न्यूज़लाइवनाउ-Uttarakhand) उत्तराखंड के नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में आने वाले महीनों में चार बड़े रोजगार मेले आयोजित किए जाने
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  • #NewsLiveNow हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में उद्योगों को नई गति देने के उद्देश्य से नई औद्योगिक नीति-2026 लागू करने का फैसला किया है। इस नीति का मुख्य लक्ष्य राज्य में अधिक निवेश आकर्षित करना, स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करना और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को पहले से अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाना है।

    #HindiNews #LatestUpdates #himachalpradesh #IndustrialPolicy #NewIndustrialPolicy
    #NewsLiveNow हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में उद्योगों को नई गति देने के उद्देश्य से नई औद्योगिक नीति-2026 लागू करने का फैसला किया है। इस नीति का मुख्य लक्ष्य राज्य में अधिक निवेश आकर्षित करना, स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करना और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को पहले से अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाना है। #HindiNews #LatestUpdates #himachalpradesh #IndustrialPolicy #NewIndustrialPolicy
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    हिमाचल की नई औद्योगिक नीति 2026: निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन और कारोबार को आसान बनाने पर सरकार का बड़ा दांव
    (न्यूज़लाइवनाउ-Himachal Pradesh) हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में उद्योगों को नई गति देने के उद्देश्य से नई औद्योगिक नीति-2026 लागू करने का फैसला किया है। इस
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  • #NewsLiveNow दिल्ली में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि DDA की जमीनों पर होने वाले अवैध कब्जों और बिना अनुमति किए गए निर्माण के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत तुरंत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    #LatestUpdates #HindiNews #delhi #DelhiNCR #DDA
    #NewsLiveNow दिल्ली में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि DDA की जमीनों पर होने वाले अवैध कब्जों और बिना अनुमति किए गए निर्माण के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत तुरंत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। #LatestUpdates #HindiNews #delhi #DelhiNCR #DDA
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    दिल्ली में अवैध कब्जों पर सख्ती: DDA को ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने के निर्देश, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
    (न्यूज़लाइवनाउ-Delhi) दिल्ली में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
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  • योग और महायोगी
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    कौलान्तक पीठाधीश्वर महायोगी सत्येन्द्र नाथ की अद्भुत साधनों को देख कर कोई भी आश्चर्यचकित रह जाएगा, बाल्यकाल से ही हिमालयों के शिखरों पर उनका महासाम्राज्य रहा, किसी हिम तेंदुए की तरह महायोगी किसी भी पर्वत पर आने जाने में बहुत ही सहज थे, बनों बनों घूमना कोई सरल कार्य नहीं, किन्तु महायोगी जंगली जानबरों की परवाह किये बिना शान से विचरण करते हैं, क्योंकि वो हिमालयों व पर्वतीय बनों के हर राज को जानते हैं, योग को सिद्ध करना या साधारणतय: सीखना भी बहुत जटिल होता है, वैराग्य भाव के बीच ही कठोर अभ्यास करते हुए गुरु के दिशा निर्देश में एक-एक आसन, प्राणायाम, आचार-विचार, व्यवहार को समझाना और सीखना पड़ता है, जो सीखा उसे प्रयोग पर उतारना भी होता है, योग भीतर के ऐसे संसार से परिचय करवाता है कि कोई उसकी व्याख्या तक ठीक से नहीं कर पाता, रात ठीक तीन बजे के करीब उठा जाने वाले महायोगी जी के लिए ये सब सहज ही था, इसलिए नहीं कि वो कोई चमत्कारिक पुरुष जन्म-जात थे, बल्कि इसलिए कि एक तो वो हिमालय के निकट पैदा हुए साथ ही दैवयोग से अत्यंत सिद्ध गुरु प्राप्त हुए, फिर उनकी अपनी अगाध गुरु भक्ति, इन सबने मिल कर महायोगी को योग का ऐसा दिव्य पुरुष बना दिया कि छोटी सी अवशता में ही गुरुजनों की देख-रेख में ध्यान लगाते-लगाते आंशिक समाधि तक पहुँचने लग गए, योग में महायोगी जी की कुशलता देखते ही बनती है, हिमालयों पर प्रमुख आसनों के अतिरिक्त भी महायोगी जी नें लगभग तीन हजार से ज्यादा योगासनों को सीखा, प्रकटयोग यानि की ग्रंथों में लिखा गया योग व गुप्तयोग यानि कि केवल गुरु शिष्य परम्परा के अनुसार दिया जाने वाला व सिखाया जाने वाला योग महायोगी जी को पूर्णतया प्राप्त हुआ, शैवकुल व शाक्तकुल का चक्र आधारित योग, 72 प्राणायामों सहित विविध मुद्राओं, बंधों आदि का ज्ञान लिया, महाऋषि पतंजलि सहित, पञ्चशिखाचार्य, जैगीश्व्याचार्य, वार्षगण्याचार्य सहित कई आदि ऋषियों के कुल का योग ज्ञान पाया, योग सिद्धि सरलता से प्राप्त नहीं होती, ब्रह्मचर्य आदि के कठोर सिद्धांतों की महायोगी जी को इस लिए भी जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि वो तो तीन चार वर्ष की आयु से गुरु के पास योग का ज्ञान पा रहे थे, योग के यम नियमों सहित ईश्वर प्रणीधान आदि को सीखते हुए काफी समय लग गया लगभग सात वर्ष की आयु पार हो जाने के बाद महायोगी जी को हिमालय में योग का अभ्यास करने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ, सबसे पहले महायोगी के योग का गवाह बना गरुडासन पर्वत, जहाँ महायोगी जी नें ध्यान की सीमाओं से पार समाधि की और जाना शुरू कर दिया, गरुडासन पर्वत से मीलों-मीलों तक कोई मानव सभ्यता ही नहीं है, शीतल पहाड़ी क्षेत्र और बिलकुल एकांत पवित्र स्थल है ये पर्वत, योग की विविध विधाएं हैं जैसे हठयोग, राजयोग, नादयोग, भक्तियोग,मन्त्रयोग आदि-आदि, महाकाल शिव प्रणीत इस परम विद्या को सीखा तो जा सकता है पर इसका अभ्यास देख कर ही डर लगने लगता है, याज्ञवल्क्य आदि ऋषियों सहित गुरु गोरक्षनाथ प्रणीत योग का सहारा लेते हए ही महायोगी का योग जीवन आगे गति कर पाया है, हिमालयों के परम शिखरों जैसे कृष पर्वत, वक्र पर्वत, मुखर पर्वत, नाग पर्वत, इन्द्रासन पर्वत, जोगिनी पर्वत, श्रुति पर्वत आदि पर पर योग का अनुसंधान आम व्यक्ति को भी योगी बना सकता है, फिर महायोगी जी जैसे पुरुष को दिव्य होने में भला कितना समय लगता? लगभग 12 वर्ष की लघु आयु में ही गुरु पद प्राप्त करने वाले महायोगी जी का बचपन इतना लुभावन रहा है कि बालक योगी के पास कई बृद्ध सन्यासी शिष्यों का समूह हो गया, सब बस यही चाहते थे कि उनको महायोगी का साथ मिले ताकि वो भी योग की महा साधना को सीख सकें, प्राण ऊर्जा को प्राप्त हो चुके महायोगी, बहुत से सन्यासियों को बाल्यकाल में ही सूर्य योग आदि सिखा चुके हैं, महायोगी जी के साथ बहुत से सन्यासियों को हिमालय पर विचरण करने का सुअवसर भी प्राप्त हुआ, यही अच्छी बात भी रही क्योंकि इन लोगों नें महायोगी जी की तस्वीरों को अपनें कैमरों में कैद किया ।
    महायोगी जी योग को चिकित्सक की तरह भी जानते हैं और योगी की तरह भी, उससे भी अच्छी बात तो ये लगती है कि वो स्तर के अनुरूप बालक, युवा, स्त्री व बृद्धों को इसका ज्ञान भी देते है, जो बहुत रोचक है, बहुत से सन्यासी इतने भाग्यशाली रहे है कि उनहोंने महायोगी जी से हिमालय पर ही शक्तिपात व दिव्यपात प्राप्त किया, बहुत से योगाभ्यासी लगातार परस के बाद भी योग की अनुभूतियों तक नहीं पहुँच पाते ऐसे में शक्तिपात जैसे गुरुगम्य प्रयोग साधारण व्यक्ति को भी योग के उच्चतम शिखर तक ले आता है, साधारण जिज्ञासु महायोगी जी को पूरी तरह परेशान ही कर देता है, क्योंकि योग के कई मार्ग हैं, कोई जिज्ञासु पुस्तक आदि पढ़ कर या सुन कर महायोगी जी के पास पहुँच जाता था, और फिर वही प्रश्न कुण्डलिनी शक्ति क्या होती है? चक्र सात होते हैं या आठ या एक हजार ? अनिमादि सिद्धियाँ क्या होती है? क्या मुझे ये सिद्धियाँ मिलेंगी? क्या आप हवा में उड़ कर दिखा सकते हैं? आप बहुत दिनों तक भूखे प्यासे कैसे रह लेते हैं ? जंगलों और सुनसान पर्वतों पर आपको डर नहीं लगता? ठण्ड से कैसे बचाव करते है? आपको ध्यान और समाधि में क्या अनुभव होता है? अब तो में भी इन प्रश्नों को सुनते ही चकराने लगता हूँ लेकिन महायोगी जी को इन्ही प्रश्नों के उत्तर हजारों बार देने पड़े होंगे, उससे भी हैरानी की बात जो वास्तब में महायोगी जी को गहरे से जनता नहीं, आते ही उल्टा महायोगी जी को योग सिखाना शुरू कर देता है, जब कुछ समय बाद उनको पता चलता है कि हमसे ये क्या हो गया तो मैंने बहुतों को श्रम से पानी-पानी होते देखा है, किन्तु महायोगी ये सब कभी जताते नहीं, केवल सही जिज्ञासु उनसे कुछ प्राप्त कर पाता है, महायोगी जी परम्परावादी हैं, इसलिए पात्र को ही ज्ञान, पात्र को ही विद्या के सिद्धांत पर चलते हैं ।
    यहाँ मैं महायोगी जी के योग ज्ञान के बारे में ज्यादा नहीं कहूँगा, क्योंकि वो बड़ी ही गूढ़ बातें हो जायेंगी जिसे आम जनमानस नहीं समझ पाता, और ये स्थान आम जनमानस के लिए है, यहाँ ये कहना भी जरूरी है कि महायोगी जी योग के आध्यात्मिक पक्ष को मजबूती से जानते हैं, लेकिन साथ ही आम लोग जो योग को केवल कुछ प्राणायाम या योगासन मंत्र ही समझाते हैं, उनके लिए भी महायोगी जी उनकी इच्छा के अनुरूप ज्ञान देते हैं, किन्तु योगासन और प्राणायाम के अतिरिक्त भोजन, वस्त्र, आचरण,सांगत व सोच भी ढालनी चाहिए ये महायोगी जी का सन्देश रहता है, हिमालयों की कंदराओं, हिमनदों के नीचे व गुफाओं में महीनों साधनारत रहने वाले महायोगी सत्येन्द्र नाथ जी महाराज को योग की लुप्त क्रियाओं का भी ज्ञाता कहा गया है, वैसे भी हिमालयों में जो एक
    बार इनको योगाभ्यास करते व साधना और समाधी लगाते देख लेता है तो उसके प्रश्न तिरोहित होने लगाते हैं, इसलिए योग भास्कर कौलान्तक पीठाधीश्वर को योग क्षेत्र में दिव्यौघ गुरु की उपमा प्राप्त है,लेकिन यहाँ एक बात साफ-साफ कहना चाहूँगा कि महायोगी जी साधारणतया योग विद्या की अथवा अन्य विद्याओं की चर्चा नहीं करते, जबतक की अति अनिवार्य न हो जाए, कुल कुण्डलिनी का दिव्य ज्ञान तो परम्परागत पीठ की विद्याओं में ही निहित था जो महायोगी जी को मिला, इन सबसे भी ज्यादा दुखद पहलू ये है कि महायोगी लोगों से मिलने से कतराते हैं, किसी कीमत पर लोगों से नहीं मिलना चाहते, जबतक कि अति अनिवार्य न हो जाए, यही कारण है कि महायोगी जी की दिव्यता जन-जन तक नहीं पहुँच पा रही, अनेक लोग महायोगी जी के दर्शन लाभ लेना चाहते है, किन्तु अपने योग-ध्यान, पूजा पाठ व कुछ अन्य कार्यों में ही महायोगी व्यस्त रहते हैं, ये बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि साधक ज्ञान का लाभ नहीं ले पायेगा, किन्तु इसके लिए भी उपाय खोजे जा रहे हैं, ताकि महायोगी जी का ज्ञान सभी तक पहुँच सके, भविष्य में ऐसे कई साधन होंगे जिनके द्वारा आप सीधे महायोगी जी से सनातन ज्ञान को प्राप्त कर सकेंगे, हिमालय के महानतम योगी आज हमारे बीच है ये हमारे लिए गौरव की बात है, अन्यथा केवल सुना जाता था कि हिमालय में योगी होते हैं उनको देखने का और उनसे सीखने का शुभ समय हमें मिला है ।
    #Ishaputra #KaulantakPeeth #Yog #HimalayanSiddhas #SiddhaDharm
    योग और महायोगी ======== कौलान्तक पीठाधीश्वर महायोगी सत्येन्द्र नाथ की अद्भुत साधनों को देख कर कोई भी आश्चर्यचकित रह जाएगा, बाल्यकाल से ही हिमालयों के शिखरों पर उनका महासाम्राज्य रहा, किसी हिम तेंदुए की तरह महायोगी किसी भी पर्वत पर आने जाने में बहुत ही सहज थे, बनों बनों घूमना कोई सरल कार्य नहीं, किन्तु महायोगी जंगली जानबरों की परवाह किये बिना शान से विचरण करते हैं, क्योंकि वो हिमालयों व पर्वतीय बनों के हर राज को जानते हैं, योग को सिद्ध करना या साधारणतय: सीखना भी बहुत जटिल होता है, वैराग्य भाव के बीच ही कठोर अभ्यास करते हुए गुरु के दिशा निर्देश में एक-एक आसन, प्राणायाम, आचार-विचार, व्यवहार को समझाना और सीखना पड़ता है, जो सीखा उसे प्रयोग पर उतारना भी होता है, योग भीतर के ऐसे संसार से परिचय करवाता है कि कोई उसकी व्याख्या तक ठीक से नहीं कर पाता, रात ठीक तीन बजे के करीब उठा जाने वाले महायोगी जी के लिए ये सब सहज ही था, इसलिए नहीं कि वो कोई चमत्कारिक पुरुष जन्म-जात थे, बल्कि इसलिए कि एक तो वो हिमालय के निकट पैदा हुए साथ ही दैवयोग से अत्यंत सिद्ध गुरु प्राप्त हुए, फिर उनकी अपनी अगाध गुरु भक्ति, इन सबने मिल कर महायोगी को योग का ऐसा दिव्य पुरुष बना दिया कि छोटी सी अवशता में ही गुरुजनों की देख-रेख में ध्यान लगाते-लगाते आंशिक समाधि तक पहुँचने लग गए, योग में महायोगी जी की कुशलता देखते ही बनती है, हिमालयों पर प्रमुख आसनों के अतिरिक्त भी महायोगी जी नें लगभग तीन हजार से ज्यादा योगासनों को सीखा, प्रकटयोग यानि की ग्रंथों में लिखा गया योग व गुप्तयोग यानि कि केवल गुरु शिष्य परम्परा के अनुसार दिया जाने वाला व सिखाया जाने वाला योग महायोगी जी को पूर्णतया प्राप्त हुआ, शैवकुल व शाक्तकुल का चक्र आधारित योग, 72 प्राणायामों सहित विविध मुद्राओं, बंधों आदि का ज्ञान लिया, महाऋषि पतंजलि सहित, पञ्चशिखाचार्य, जैगीश्व्याचार्य, वार्षगण्याचार्य सहित कई आदि ऋषियों के कुल का योग ज्ञान पाया, योग सिद्धि सरलता से प्राप्त नहीं होती, ब्रह्मचर्य आदि के कठोर सिद्धांतों की महायोगी जी को इस लिए भी जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि वो तो तीन चार वर्ष की आयु से गुरु के पास योग का ज्ञान पा रहे थे, योग के यम नियमों सहित ईश्वर प्रणीधान आदि को सीखते हुए काफी समय लग गया लगभग सात वर्ष की आयु पार हो जाने के बाद महायोगी जी को हिमालय में योग का अभ्यास करने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ, सबसे पहले महायोगी के योग का गवाह बना गरुडासन पर्वत, जहाँ महायोगी जी नें ध्यान की सीमाओं से पार समाधि की और जाना शुरू कर दिया, गरुडासन पर्वत से मीलों-मीलों तक कोई मानव सभ्यता ही नहीं है, शीतल पहाड़ी क्षेत्र और बिलकुल एकांत पवित्र स्थल है ये पर्वत, योग की विविध विधाएं हैं जैसे हठयोग, राजयोग, नादयोग, भक्तियोग,मन्त्रयोग आदि-आदि, महाकाल शिव प्रणीत इस परम विद्या को सीखा तो जा सकता है पर इसका अभ्यास देख कर ही डर लगने लगता है, याज्ञवल्क्य आदि ऋषियों सहित गुरु गोरक्षनाथ प्रणीत योग का सहारा लेते हए ही महायोगी का योग जीवन आगे गति कर पाया है, हिमालयों के परम शिखरों जैसे कृष पर्वत, वक्र पर्वत, मुखर पर्वत, नाग पर्वत, इन्द्रासन पर्वत, जोगिनी पर्वत, श्रुति पर्वत आदि पर पर योग का अनुसंधान आम व्यक्ति को भी योगी बना सकता है, फिर महायोगी जी जैसे पुरुष को दिव्य होने में भला कितना समय लगता? लगभग 12 वर्ष की लघु आयु में ही गुरु पद प्राप्त करने वाले महायोगी जी का बचपन इतना लुभावन रहा है कि बालक योगी के पास कई बृद्ध सन्यासी शिष्यों का समूह हो गया, सब बस यही चाहते थे कि उनको महायोगी का साथ मिले ताकि वो भी योग की महा साधना को सीख सकें, प्राण ऊर्जा को प्राप्त हो चुके महायोगी, बहुत से सन्यासियों को बाल्यकाल में ही सूर्य योग आदि सिखा चुके हैं, महायोगी जी के साथ बहुत से सन्यासियों को हिमालय पर विचरण करने का सुअवसर भी प्राप्त हुआ, यही अच्छी बात भी रही क्योंकि इन लोगों नें महायोगी जी की तस्वीरों को अपनें कैमरों में कैद किया । महायोगी जी योग को चिकित्सक की तरह भी जानते हैं और योगी की तरह भी, उससे भी अच्छी बात तो ये लगती है कि वो स्तर के अनुरूप बालक, युवा, स्त्री व बृद्धों को इसका ज्ञान भी देते है, जो बहुत रोचक है, बहुत से सन्यासी इतने भाग्यशाली रहे है कि उनहोंने महायोगी जी से हिमालय पर ही शक्तिपात व दिव्यपात प्राप्त किया, बहुत से योगाभ्यासी लगातार परस के बाद भी योग की अनुभूतियों तक नहीं पहुँच पाते ऐसे में शक्तिपात जैसे गुरुगम्य प्रयोग साधारण व्यक्ति को भी योग के उच्चतम शिखर तक ले आता है, साधारण जिज्ञासु महायोगी जी को पूरी तरह परेशान ही कर देता है, क्योंकि योग के कई मार्ग हैं, कोई जिज्ञासु पुस्तक आदि पढ़ कर या सुन कर महायोगी जी के पास पहुँच जाता था, और फिर वही प्रश्न कुण्डलिनी शक्ति क्या होती है? चक्र सात होते हैं या आठ या एक हजार ? अनिमादि सिद्धियाँ क्या होती है? क्या मुझे ये सिद्धियाँ मिलेंगी? क्या आप हवा में उड़ कर दिखा सकते हैं? आप बहुत दिनों तक भूखे प्यासे कैसे रह लेते हैं ? जंगलों और सुनसान पर्वतों पर आपको डर नहीं लगता? ठण्ड से कैसे बचाव करते है? आपको ध्यान और समाधि में क्या अनुभव होता है? अब तो में भी इन प्रश्नों को सुनते ही चकराने लगता हूँ लेकिन महायोगी जी को इन्ही प्रश्नों के उत्तर हजारों बार देने पड़े होंगे, उससे भी हैरानी की बात जो वास्तब में महायोगी जी को गहरे से जनता नहीं, आते ही उल्टा महायोगी जी को योग सिखाना शुरू कर देता है, जब कुछ समय बाद उनको पता चलता है कि हमसे ये क्या हो गया तो मैंने बहुतों को श्रम से पानी-पानी होते देखा है, किन्तु महायोगी ये सब कभी जताते नहीं, केवल सही जिज्ञासु उनसे कुछ प्राप्त कर पाता है, महायोगी जी परम्परावादी हैं, इसलिए पात्र को ही ज्ञान, पात्र को ही विद्या के सिद्धांत पर चलते हैं । यहाँ मैं महायोगी जी के योग ज्ञान के बारे में ज्यादा नहीं कहूँगा, क्योंकि वो बड़ी ही गूढ़ बातें हो जायेंगी जिसे आम जनमानस नहीं समझ पाता, और ये स्थान आम जनमानस के लिए है, यहाँ ये कहना भी जरूरी है कि महायोगी जी योग के आध्यात्मिक पक्ष को मजबूती से जानते हैं, लेकिन साथ ही आम लोग जो योग को केवल कुछ प्राणायाम या योगासन मंत्र ही समझाते हैं, उनके लिए भी महायोगी जी उनकी इच्छा के अनुरूप ज्ञान देते हैं, किन्तु योगासन और प्राणायाम के अतिरिक्त भोजन, वस्त्र, आचरण,सांगत व सोच भी ढालनी चाहिए ये महायोगी जी का सन्देश रहता है, हिमालयों की कंदराओं, हिमनदों के नीचे व गुफाओं में महीनों साधनारत रहने वाले महायोगी सत्येन्द्र नाथ जी महाराज को योग की लुप्त क्रियाओं का भी ज्ञाता कहा गया है, वैसे भी हिमालयों में जो एक बार इनको योगाभ्यास करते व साधना और समाधी लगाते देख लेता है तो उसके प्रश्न तिरोहित होने लगाते हैं, इसलिए योग भास्कर कौलान्तक पीठाधीश्वर को योग क्षेत्र में दिव्यौघ गुरु की उपमा प्राप्त है,लेकिन यहाँ एक बात साफ-साफ कहना चाहूँगा कि महायोगी जी साधारणतया योग विद्या की अथवा अन्य विद्याओं की चर्चा नहीं करते, जबतक की अति अनिवार्य न हो जाए, कुल कुण्डलिनी का दिव्य ज्ञान तो परम्परागत पीठ की विद्याओं में ही निहित था जो महायोगी जी को मिला, इन सबसे भी ज्यादा दुखद पहलू ये है कि महायोगी लोगों से मिलने से कतराते हैं, किसी कीमत पर लोगों से नहीं मिलना चाहते, जबतक कि अति अनिवार्य न हो जाए, यही कारण है कि महायोगी जी की दिव्यता जन-जन तक नहीं पहुँच पा रही, अनेक लोग महायोगी जी के दर्शन लाभ लेना चाहते है, किन्तु अपने योग-ध्यान, पूजा पाठ व कुछ अन्य कार्यों में ही महायोगी व्यस्त रहते हैं, ये बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि साधक ज्ञान का लाभ नहीं ले पायेगा, किन्तु इसके लिए भी उपाय खोजे जा रहे हैं, ताकि महायोगी जी का ज्ञान सभी तक पहुँच सके, भविष्य में ऐसे कई साधन होंगे जिनके द्वारा आप सीधे महायोगी जी से सनातन ज्ञान को प्राप्त कर सकेंगे, हिमालय के महानतम योगी आज हमारे बीच है ये हमारे लिए गौरव की बात है, अन्यथा केवल सुना जाता था कि हिमालय में योगी होते हैं उनको देखने का और उनसे सीखने का शुभ समय हमें मिला है । #Ishaputra #KaulantakPeeth #Yog #HimalayanSiddhas #SiddhaDharm
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  • #NewsLiveNow प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जन्मदिवस के अवसर पर उनके साथ कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान दोनों नेताओं ने राज्य के लिए 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

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    #NewsLiveNow प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जन्मदिवस के अवसर पर उनके साथ कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान दोनों नेताओं ने राज्य के लिए 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। #HindiNews #latestnewsupdate #DraupadiMurmuji #PMModiji #Odisha
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    पीएम मोदी का ओडिशा दौरा: राष्ट्रपति मुर्मू के जन्मदिन पर विकास परियोजनाओं की सौगात
    (न्यूज़लाइवनाउ-Odisha) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जन्मदिवस के
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  • #NewsLiveNow गुरुग्राम में पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए 13 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई अपराध शाखा और अन्य पुलिस इकाइयों द्वारा संयुक्त रूप से की गई, जिसमें शहर के विभिन्न इलाकों में गहन सत्यापन अभियान चलाया गया।

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    #NewsLiveNow गुरुग्राम में पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए 13 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई अपराध शाखा और अन्य पुलिस इकाइयों द्वारा संयुक्त रूप से की गई, जिसमें शहर के विभिन्न इलाकों में गहन सत्यापन अभियान चलाया गया। #HindiNews #LatestUpdates #UPNews #gurugram #gurugram
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    गुरुग्राम में पुलिस ने 13 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया
    (न्यूज़लाइवनाउ-UP) गुरुग्राम में पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए 13 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है।
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