• ईशपुत्र-कौलान्तक नाथ के दिव्य वचन

    ९) मैं (ईश्वर) कौन हूँ, कहाँ हूँ, कैसा हूँ? बुद्धि से विचारते ही रह जाओगे। स्वीकार करो की तुम न्यून हो और प्रेम से प्रार्थना करो। तब मैं अप्रकट होते हुए भी प्रकट होने लगता हूँ।
    ईशपुत्र-कौलान्तक नाथ के दिव्य वचन ९) मैं (ईश्वर) कौन हूँ, कहाँ हूँ, कैसा हूँ? बुद्धि से विचारते ही रह जाओगे। स्वीकार करो की तुम न्यून हो और प्रेम से प्रार्थना करो। तब मैं अप्रकट होते हुए भी प्रकट होने लगता हूँ।
    Love
    5
    1 Комментарии 0 Поделились 83 Просмотры 0 предпросмотр
  • 'महासिद्ध ईशपुत्र' को प्रेम करने वाले आज सम्पूर्ण विश्व में हैं। सभी 'जनवरी' महीने में उनका 'दीक्षा दिवस' मानते हैं। किन्तु क्या है 'ईशपुत्र' का 'दीक्षा दिवस' और क्यों अभी तक इस 'दीक्षा दिवस' को मनाने को ले कर आम सहमति नहीं है। कौन सी दीक्षा हुई व कब हुई? ये सब जानने के लिए आप प्रस्तुत विडिओ को अवश्य देखिये और हिमालय की 'कौलान्तक पीठ' के रहस्य को भी जानिए।

    #KaulantakPeeth #KulantPeeth #Ishaputra #IKSVP #MahayogiSatyendraNath #Mahasiddha #SiddhaDharm #DeekshaDivas #InitiationDay #DevaDeeksha #DivinePowers #IshaputraDocumentary
    'महासिद्ध ईशपुत्र' को प्रेम करने वाले आज सम्पूर्ण विश्व में हैं। सभी 'जनवरी' महीने में उनका 'दीक्षा दिवस' मानते हैं। किन्तु क्या है 'ईशपुत्र' का 'दीक्षा दिवस' और क्यों अभी तक इस 'दीक्षा दिवस' को मनाने को ले कर आम सहमति नहीं है। कौन सी दीक्षा हुई व कब हुई? ये सब जानने के लिए आप प्रस्तुत विडिओ को अवश्य देखिये और हिमालय की 'कौलान्तक पीठ' के रहस्य को भी जानिए। #KaulantakPeeth #KulantPeeth #Ishaputra #IKSVP #MahayogiSatyendraNath #Mahasiddha #SiddhaDharm #DeekshaDivas #InitiationDay #DevaDeeksha #DivinePowers #IshaputraDocumentary
    Love
    Yay
    6
    2 Комментарии 1 Поделились 1Кб Просмотры 0 предпросмотр
  • ईशपुत्र-कौलान्तक नाथ के दिव्य वचन

    ८) ईश्वरीय अवतार या दूतों का आगमन इसी कारण होता है की तुम उनको छू कर देख सको और विराट, सामर्थ्यवान ईश्वर को छोटी सी इकाई में अनुभव कर सको। ईश्वर का वाक्य है कि उन्हें (अवतारों और दूतों) मुझसे अलग मत पाना क्योंकि उनकी अंगुली मेरी अंगुली है, उनके पास अपनी कोई अंगुली नहीं।
    ईशपुत्र-कौलान्तक नाथ के दिव्य वचन ८) ईश्वरीय अवतार या दूतों का आगमन इसी कारण होता है की तुम उनको छू कर देख सको और विराट, सामर्थ्यवान ईश्वर को छोटी सी इकाई में अनुभव कर सको। ईश्वर का वाक्य है कि उन्हें (अवतारों और दूतों) मुझसे अलग मत पाना क्योंकि उनकी अंगुली मेरी अंगुली है, उनके पास अपनी कोई अंगुली नहीं।
    Love
    Yay
    3
    1 Комментарии 0 Поделились 289 Просмотры 0 предпросмотр
  • #KaulantakNath #KaulantakPeethHimalaya #Ishaputra ॐ श्री पद्माप्रियाय सुरम्यरमापति ईशपुत्राय नमः ॐ ईं ईशपुत्राय नमः नमो आदेश प्रभु जी
    #KaulantakNath #KaulantakPeethHimalaya #Ishaputra ॐ श्री पद्माप्रियाय सुरम्यरमापति ईशपुत्राय नमः ॐ ईं ईशपुत्राय नमः नमो आदेश प्रभु जी 💕🙏💕
    Love
    Yay
    4
    2 Комментарии 0 Поделились 502 Просмотры 28 0 предпросмотр
  • ॐ सं सिद्धाय नमः ॐ श्री पद्माप्रियाय सुरम्यरमापति ईशपुत्राय नमः नमो आदेश प्रभु जी
    ॐ सं सिद्धाय नमः ॐ श्री पद्माप्रियाय सुरम्यरमापति ईशपुत्राय नमः नमो आदेश प्रभु जी💕🙏💕
    Love
    Yay
    12
    2 Комментарии 0 Поделились 239 Просмотры 0 предпросмотр
  • ईशपुत्र-कौलान्तक नाथ के दिव्य वचन

    ७) ईश्वर का आभार व्यक्त करने के लिए तुम पत्थरों पर पत्थर रख कर एक ढेर बनाओ या फिर मंदिर, मठ, पूजाघर। ईश्वर तुम्हारे प्रेम के कारण सबको एक सा ही देखता है और तुम्हारे सुन्दर प्रयासों पर मुस्कुराता है।
    ईशपुत्र-कौलान्तक नाथ के दिव्य वचन ७) ईश्वर का आभार व्यक्त करने के लिए तुम पत्थरों पर पत्थर रख कर एक ढेर बनाओ या फिर मंदिर, मठ, पूजाघर। ईश्वर तुम्हारे प्रेम के कारण सबको एक सा ही देखता है और तुम्हारे सुन्दर प्रयासों पर मुस्कुराता है।
    Love
    Yay
    Like
    8
    2 Комментарии 0 Поделились 155 Просмотры 0 предпросмотр
  • ईशपुत्र-कौलान्तक नाथ के दिव्य वचन
    ४२) संसार तुमको कहेगा ईश्वर का कोई चमत्कार नहीं। लेकिन मेरे वाक्यों पर विश्वास रख। तो समुद्र और हिमालय तुमको रास्ता देंगे। चाँद और सितारे तुमको अपने पास आने देंगे। ये ब्रह्माण्ड तुम्हारे लिए खेल का मैदान हो जायेगा। मैं मृत्यु में से तुमको जीवन दूंगा और दुखों में से रास्ता।
    ईशपुत्र-कौलान्तक नाथ के दिव्य वचन ४२) संसार तुमको कहेगा ईश्वर का कोई चमत्कार नहीं। लेकिन मेरे वाक्यों पर विश्वास रख। तो समुद्र और हिमालय तुमको रास्ता देंगे। चाँद और सितारे तुमको अपने पास आने देंगे। ये ब्रह्माण्ड तुम्हारे लिए खेल का मैदान हो जायेगा। मैं मृत्यु में से तुमको जीवन दूंगा और दुखों में से रास्ता।
    Love
    Like
    Yay
    5
    1 Комментарии 0 Поделились 173 Просмотры 0 предпросмотр
  • 'संभल साम्राज्य रेडियो' में महासिद्ध ईशपुत्र के दिव्य भजनों को सुनने के लिए इस लिंक पर जाएँ और भक्ति की गहरी धारा में खो जाएँ। हम महासिद्ध ईशपुत्र के 'दिव्य स्वरूप' का ध्यान करते हैं और उनकी शरणागति की कामना करते हैं। जय संभल साम्राज्य!

    https://sambhalasamrayarjliveai.vercel.app/

    #SambhalaRadio #SambhalaSamarajyaRadio #KalkiRadio #KaulantakPeeth #KulantPeeth #kurukullaTemple #SiddhaDharma #HimalayanSiddhas #Scrolllink
    'संभल साम्राज्य रेडियो' में महासिद्ध ईशपुत्र के दिव्य भजनों को सुनने के लिए इस लिंक पर जाएँ और भक्ति की गहरी धारा में खो जाएँ। हम महासिद्ध ईशपुत्र के 'दिव्य स्वरूप' का ध्यान करते हैं और उनकी शरणागति की कामना करते हैं। जय संभल साम्राज्य! https://sambhalasamrayarjliveai.vercel.app/ #SambhalaRadio #SambhalaSamarajyaRadio #KalkiRadio #KaulantakPeeth #KulantPeeth #kurukullaTemple #SiddhaDharma #HimalayanSiddhas #Scrolllink
    Love
    Yay
    5
    1 Комментарии 0 Поделились 1Кб Просмотры 0 предпросмотр
  • ईशपुत्र-कौलान्तक नाथ के दिव्य वचन

    ६) मेरे वचनों पर श्रद्धा रख, अपने ईश्वर को सदा पुकारते रहना। क्योंकि मैंने उसका स्नेह पुकारने के कारण पाया और अब वो तुम्हारी ओर देखते है।
    ईशपुत्र-कौलान्तक नाथ के दिव्य वचन ६) मेरे वचनों पर श्रद्धा रख, अपने ईश्वर को सदा पुकारते रहना। क्योंकि मैंने उसका स्नेह पुकारने के कारण पाया और अब वो तुम्हारी ओर देखते है।
    Love
    Yay
    6
    1 Комментарии 1 Поделились 270 Просмотры 0 предпросмотр
  • “भैरवी ज्योत्स्नाकृत कौलान्तकनाथ ईशपुत्र स्तुति”

    ॥ अथ श्री भैरवी ज्योत्स्नाकृत कौलान्तक नाथ ईशपुत्र स्तुति ॥

    ॐ महातपः महातपेश्वराय महातेजोमय जगत्पते।
    महासिद्ध महायोगिन महापुरुषाय नमोस्तुते ।।
    महारौद्र महानाथ महाकौल महाप्रभो।
    महाचीनज्ञ महावामज्ञ महासत्वज्ञयाय नमोस्तुते ।।

    महाअघोर महाज्ञान महाअवतार तमोहन।
    महाविकर्तन महातेज महाईश नमोस्तुते॥
    सत्याय च नमस्तुभ्यं सत्येन्द्र नाथाय च नमः ।
    महाभैरवाय च नमस्तुभ्यं अप्सरापतये नमो नमः ।।

    हठाधिपतये च नमस्तुभ्यं ईशपुत्राय वै नमः ।
    निराकाराय च नमस्तुभ्यं साकाराय नमो नमः ।।
    ईशदूताय नमस्तुभ्यं प्रत्यक्षपुरुषाय वै नमः ।
    हिमशिखराधिपतये नमस्तुभ्यं शुक्लवर्ण नमो नमः ।।

    आदि महारहस्य स्वरूपाय रुद्ररूपाय वै नमः ।
    विष्णुअंश भूताय च युगावताराय वै नमः ।।
    महेश्वर रुप्सत्वं सत्येन्द्र नाथाय नमोस्तुते ।
    ईशपुत्राय नमस्तुभ्यं बंधमोचनाय नमोस्तुते ।।

    सोम रूप नमस्तुभ्यं सर्वेश्वरानन्द नाथाय नमोस्तुते।
    महाहिमालयाधिपते नमस्तुभ्यं अकाशाधिपते नमो नमः ।।
    सिद्धरूप नमस्तुभ्यं वैष्णव नाथाय नमोस्तुते।
    कुण्डलिनी नाथाय नमस्तुभ्यं मायापति नमोस्तुते ।।

    बालरूप नमस्तुभ्यं यौवननाथाय नमोस्तुते।
    वरदाताय नमस्तुभ्यं अभयदाताय नमो नमः ।।
    नमः शान्त रूपाभ्याम शाश्वताय नमो नमः ।
    सं सिद्धाय नमस्तुभ्यं निष्कलन्काय नमो नमः ।।

    सद्चिदानंद स्वरूपाय सत्येन्द्रनाथाय ते नमः ।
    प्रसीद में नमो नित्यं श्वेतवर्णाय नमोस्तुते ।।
    प्रसीद में ईशपुत्राय नित्यस्थिताय नमो नमः ।
    क्रीं बीजोद्भवाय पूर्ण स्वरूपाय आदिनाथ तेजसे
    स्वः सम्पूर्ण मन्त्राय कं कौलनाथाय ते नमः ।।

    ।। इति श्री भैरवी ज्योत्स्नाकृत कौलान्तक नाथ ईशपुत्र स्तुति संपूर्णम ।।
    “भैरवी ज्योत्स्नाकृत कौलान्तकनाथ ईशपुत्र स्तुति” ॥ अथ श्री भैरवी ज्योत्स्नाकृत कौलान्तक नाथ ईशपुत्र स्तुति ॥ ॐ महातपः महातपेश्वराय महातेजोमय जगत्पते। महासिद्ध महायोगिन महापुरुषाय नमोस्तुते ।। महारौद्र महानाथ महाकौल महाप्रभो। महाचीनज्ञ महावामज्ञ महासत्वज्ञयाय नमोस्तुते ।। महाअघोर महाज्ञान महाअवतार तमोहन। महाविकर्तन महातेज महाईश नमोस्तुते॥ सत्याय च नमस्तुभ्यं सत्येन्द्र नाथाय च नमः । महाभैरवाय च नमस्तुभ्यं अप्सरापतये नमो नमः ।। हठाधिपतये च नमस्तुभ्यं ईशपुत्राय वै नमः । निराकाराय च नमस्तुभ्यं साकाराय नमो नमः ।। ईशदूताय नमस्तुभ्यं प्रत्यक्षपुरुषाय वै नमः । हिमशिखराधिपतये नमस्तुभ्यं शुक्लवर्ण नमो नमः ।। आदि महारहस्य स्वरूपाय रुद्ररूपाय वै नमः । विष्णुअंश भूताय च युगावताराय वै नमः ।। महेश्वर रुप्सत्वं सत्येन्द्र नाथाय नमोस्तुते । ईशपुत्राय नमस्तुभ्यं बंधमोचनाय नमोस्तुते ।। सोम रूप नमस्तुभ्यं सर्वेश्वरानन्द नाथाय नमोस्तुते। महाहिमालयाधिपते नमस्तुभ्यं अकाशाधिपते नमो नमः ।। सिद्धरूप नमस्तुभ्यं वैष्णव नाथाय नमोस्तुते। कुण्डलिनी नाथाय नमस्तुभ्यं मायापति नमोस्तुते ।। बालरूप नमस्तुभ्यं यौवननाथाय नमोस्तुते। वरदाताय नमस्तुभ्यं अभयदाताय नमो नमः ।। नमः शान्त रूपाभ्याम शाश्वताय नमो नमः । सं सिद्धाय नमस्तुभ्यं निष्कलन्काय नमो नमः ।। सद्चिदानंद स्वरूपाय सत्येन्द्रनाथाय ते नमः । प्रसीद में नमो नित्यं श्वेतवर्णाय नमोस्तुते ।। प्रसीद में ईशपुत्राय नित्यस्थिताय नमो नमः । क्रीं बीजोद्भवाय पूर्ण स्वरूपाय आदिनाथ तेजसे स्वः सम्पूर्ण मन्त्राय कं कौलनाथाय ते नमः ।। ।। इति श्री भैरवी ज्योत्स्नाकृत कौलान्तक नाथ ईशपुत्र स्तुति संपूर्णम ।।
    Love
    Like
    6
    1 Комментарии 2 Поделились 1Кб Просмотры 0 предпросмотр
  • ॐ श्री कुलान्त नाथाय नमः🙏🏻
    ॐ श्री ईशपुत्राय नम:🙏🏻
    ॐ सत्य सत्येंद्र नाथाय नम:🙏🏻
    ॐ श्री कुलान्त नाथाय नमः🙏🏻 ॐ श्री ईशपुत्राय नम:🙏🏻 ॐ सत्य सत्येंद्र नाथाय नम:🙏🏻
    ॐ श्री कुलान्त नाथाय नमः
    ॐ श्री ईशपुत्राय नम:
    ॐ सत्य सत्येंद्र नाथाय नम:
    -Yogini R Nath

    #ishaputra #wallpaper #MobilePhone #Mahasiddha #KaulantakPeeth #Himalaya #kulantPeeth
    Love
    1
    0 Комментарии 0 Поделились 320 Просмотры 0 предпросмотр
  • ॐ श्री कुलान्त नाथाय नमः
    ॐ श्री ईशपुत्राय नम:
    ॐ सत्य सत्येंद्र नाथाय नम:
    -Yogini R Nath

    #ishaputra #wallpaper #MobilePhone #Mahasiddha #KaulantakPeeth #Himalaya #kulantPeeth
    ॐ श्री कुलान्त नाथाय नमः ॐ श्री ईशपुत्राय नम: ॐ सत्य सत्येंद्र नाथाय नम: -Yogini R Nath #ishaputra #wallpaper #MobilePhone #Mahasiddha #KaulantakPeeth #Himalaya #kulantPeeth
    Love
    Like
    Yay
    15
    2 Комментарии 1 Поделились 2Кб Просмотры 0 предпросмотр
Расширенные страницы