• #NewsLiveNow कुछ दिन पहले खबर आई थी कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के पहले चरण की बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसका आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है। इसी बीच अमेरिकी सीनेटरों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक पत्र भेजकर भारत से अमेरिकी पीली मटर (दलहन) पर लगाया गया आयात शुल्क हटाने की मांग की है।

    ट्रंप को लिखे गए इस पत्र में सीनेटरों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में दलहन फसलों के लिए अनुकूल शर्तें शामिल करने पर जोर दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की है कि वे यह सुनिश्चित करें कि भारत पीली मटर पर लगाया गया 30 प्रतिशत टैक्स समाप्त करे, ताकि अमेरिकी किसान अपनी फसल भारतीय बाजार में आसानी से बेच सकें।

    #IndiaUSTrade #PulsesTariff #DonaldTrump #TradeDeal
    #NewsLiveNow कुछ दिन पहले खबर आई थी कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के पहले चरण की बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसका आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है। इसी बीच अमेरिकी सीनेटरों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक पत्र भेजकर भारत से अमेरिकी पीली मटर (दलहन) पर लगाया गया आयात शुल्क हटाने की मांग की है। ट्रंप को लिखे गए इस पत्र में सीनेटरों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में दलहन फसलों के लिए अनुकूल शर्तें शामिल करने पर जोर दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की है कि वे यह सुनिश्चित करें कि भारत पीली मटर पर लगाया गया 30 प्रतिशत टैक्स समाप्त करे, ताकि अमेरिकी किसान अपनी फसल भारतीय बाजार में आसानी से बेच सकें। #IndiaUSTrade #PulsesTariff #DonaldTrump #TradeDeal
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 55 Visualizações 0 Anterior
  • M. M. Tripathi जी के वाल से-
    हाईकोर्ट का जब स्पष्ट निर्णय है कि जिसने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया है उसे दलित की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा तो मध्यप्रदेश पुलिस किस आधार पर एस्ट्रोसिटी एक्ट में Anil Mishra Adv व उनके साथियों पर एफआईआर दर्ज की ? इसका जवाब उन्हें देना पड़ेगा? क्या भीमराव सकपाल का पुलिस को दलित जाति होने का सर्टिफिकेट दिया गया?
    यदि भाजपा सरकार इसी तरह से सवर्ण समाज के आन-मान-सम्मान के लिए संघर्ष करने वालों पर एक तरफा कार्यवाही करती रहेगी तो सवर्ण जो उसे सत्ता तक पहुंचाएं हैं वे सत्ता से अलग करना भी जानते हैं। शेष भाजपा की इच्छा। #दलितों के चक्कर में स्पष्ट है कि #भाजपा की सत्ता अब जाने वाली है। यूपी में बवंडर चल ही रहा है। मध्यप्रदेश में भी अब चालू हो गया।
    सवर्ण समाज अब भी अपने विनाशकों को पहचाने तो भला होगा।

    #ScSt #AnilMishra #SavarnAndolan #Bheemate #Neeland #NeeleKabutar #Neelanu#Scrolllink #Malechchh
    M. M. Tripathi जी के वाल से- हाईकोर्ट का जब स्पष्ट निर्णय है कि जिसने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया है उसे दलित की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा तो मध्यप्रदेश पुलिस किस आधार पर एस्ट्रोसिटी एक्ट में Anil Mishra Adv व उनके साथियों पर एफआईआर दर्ज की ? इसका जवाब उन्हें देना पड़ेगा? क्या भीमराव सकपाल का पुलिस को दलित जाति होने का सर्टिफिकेट दिया गया? यदि भाजपा सरकार इसी तरह से सवर्ण समाज के आन-मान-सम्मान के लिए संघर्ष करने वालों पर एक तरफा कार्यवाही करती रहेगी तो सवर्ण जो उसे सत्ता तक पहुंचाएं हैं वे सत्ता से अलग करना भी जानते हैं। शेष भाजपा की इच्छा। #दलितों के चक्कर में स्पष्ट है कि #भाजपा की सत्ता अब जाने वाली है। यूपी में बवंडर चल ही रहा है। मध्यप्रदेश में भी अब चालू हो गया। सवर्ण समाज अब भी अपने विनाशकों को पहचाने तो भला होगा। #ScSt #AnilMishra #SavarnAndolan #Bheemate #Neeland #NeeleKabutar #Neelanu#Scrolllink #Malechchh
    Like
    Yay
    3
    0 Comentários 1 Compartilhamentos 446 Visualizações 0 Anterior
  • कभी सोचा है आपने मल का अर्थ होता है टट्टी और कुछ दैत्य मलेच्छ है । जो स्वयं टट्टी होते है । उनको हिंदू धर्म से आपत्ति है । इन कुत्ते कुत्तियों की शक्लें देख लो । पूरा सेफ़्टिक टैंक समाज है टट्टी से लबालब भरा । कुछ बड़ा करना होगा । ये सब बदलना होगा । इन टट्टियों की जगह कहीं और है वहीं भेजो

    #scrolllink #malechchh #leftist #JNU #Tatti #JNUtatti #daitya
    कभी सोचा है आपने मल का अर्थ होता है टट्टी 💩 और कुछ दैत्य मलेच्छ है । जो स्वयं टट्टी 💩 होते है । उनको हिंदू धर्म से आपत्ति है । इन कुत्ते कुत्तियों की शक्लें देख लो । पूरा सेफ़्टिक टैंक समाज है टट्टी से लबालब भरा । कुछ बड़ा करना होगा । ये सब बदलना होगा । इन टट्टियों की जगह कहीं और है 😡😡 वहीं भेजो #scrolllink #malechchh #leftist #JNU #Tatti #JNUtatti #daitya
    Angry
    3
    1 Comentários 0 Compartilhamentos 414 Visualizações 8 0 Anterior
  • भारत में बुर्के कि आड़ में बहुत सी लड़कियों को kidnap कर लिया जाता है, आतंकवादी आसानी से अपने ठिकाने बदल लेते है ,इटली में बुर्का प्रतिबंधित कर दिया गया है , क्या भारत में नेताओ को अपना वोटबैंक इनमें दिखाई देता है

    #post #instagram #explore #scrolllink
    भारत में बुर्के कि आड़ में बहुत सी लड़कियों को kidnap कर लिया जाता है, आतंकवादी आसानी से अपने ठिकाने बदल लेते है ,इटली 🇮🇹 में बुर्का प्रतिबंधित कर दिया गया है , क्या भारत में नेताओ को अपना वोटबैंक इनमें दिखाई देता है #post #instagram #explore #scrolllink
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 357 Visualizações 0 Anterior
  • बिहार चुनाव के नतीजों पर राजनीतिक चर्चाओं से शुरू हुई बहस के बाद मध्य प्रदेश के गुना ज़िले में दो मामाओं ने भांजे की हत्या कर दी.

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना कैंट थाना इलाके स्थित पुलिस लाइन के निर्माणाधीन परिसर में हुई, जहां बिहार के शिवहर ज़िले का रहने वाला मजदूर शंकर मांझी अपने मामा राजेश मांझी और तूफानी मांझी के साथ रह रहा था. पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि शंकर RJD का समर्थक था, जबकि दोनों आरोपी JD(U) के समर्थक थे. तीनों ने नशे में झगड़ा किया, जो मारपीट में बदल गया.

    #Bihar #BiharElections #MadhyaPradesh #scrolllink #news
    बिहार चुनाव के नतीजों पर राजनीतिक चर्चाओं से शुरू हुई बहस के बाद मध्य प्रदेश के गुना ज़िले में दो मामाओं ने भांजे की हत्या कर दी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना कैंट थाना इलाके स्थित पुलिस लाइन के निर्माणाधीन परिसर में हुई, जहां बिहार के शिवहर ज़िले का रहने वाला मजदूर शंकर मांझी अपने मामा राजेश मांझी और तूफानी मांझी के साथ रह रहा था. पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि शंकर RJD का समर्थक था, जबकि दोनों आरोपी JD(U) के समर्थक थे. तीनों ने नशे में झगड़ा किया, जो मारपीट में बदल गया. #Bihar #BiharElections #MadhyaPradesh #scrolllink #news
    Sad
    1
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 562 Visualizações 0 Anterior
  • "मोहल्लों की तरह नदियों का नाम नहीं बदल पाए"

    #Rivers #hindu #scrolllinks #bharat
    "मोहल्लों की तरह नदियों का नाम नहीं बदल पाए" #Rivers #hindu #scrolllinks #bharat
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 505 Visualizações 0 Anterior
  • राउलाने महोत्सव (Raulane Festival)
    राउलाने महोत्सव: किन्नौर की एक अदृश्य परंपरा
    राउलाने महोत्सव भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के किन्नौर क्षेत्र में मनाया जाने वाला एक अनूठा और प्राचीन त्योहार है। यह स्थानीय संस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
    महोत्सव का मूल उद्देश्य
    * देवियों और आत्माओं का सम्मान: यह त्योहार मुख्य रूप से स्थानीय पहाड़ी परियों या आत्माओं, जिन्हें सऊनी (Sauni) या देवणे (Deohne) कहा जाता है, को समर्पित है।
    * शीतकालीन सुरक्षा के लिए धन्यवाद: किन्नौरी लोगों का मानना है कि ये आत्माएं कठोर सर्दियों के दौरान उनकी और उनके गाँवों की रक्षा करने के लिए स्वर्ग से उतरती हैं।
    * समारोहिक विदाई: यह महोत्सव वसंत ऋतु के आगमन पर इन आत्माओं को उनके निवास स्थान पर वापस भेजने के लिए एक भावभीनी विदाई समारोह के रूप में आयोजित किया जाता है, जिसमें उनकी सुरक्षा के लिए धन्यवाद दिया जाता है।
    'राउला' और 'राउलाने' की भूमिका
    इस त्योहार का सबसे महत्वपूर्ण और विशिष्ट पहलू प्रतीकात्मक दूल्हा और दुल्हन हैं:
    * राउला (दूल्हा) और राउलाने (दुल्हन): गाँव के दो पुरुषों को इन रस्मों को निभाने के लिए चुना जाता है।
    * रहस्यमय वेशभूषा: दोनों पुरुष पारम्परिक, भारी किन्नौरी ऊनी वस्त्र पहनते हैं। वे पूरी तरह से ढके होते हैं, और सबसे खास बात यह है कि वे नकाब (मास्क) और दस्ताने पहनते हैं। यह वेशभूषा उन्हें मानव और आध्यात्मिक दुनिया के बीच एक सेतु (पुल) के रूप में बदल देती है।
    * राउलाने (दुल्हन) को पारंपरिक महिलाओं के आभूषणों और वेशभूषा से सजाया जाता है।
    * राउला (दूल्हा) अपने चेहरे को लाल कपड़े या मास्क से ढक लेता है।
    प्रमुख अनुष्ठान
    * नृत्य: इस अनुष्ठान का केंद्र बिंदु नागिन नारायण मंदिर जैसे स्थानीय मंदिर के पास राउला और राउलाने द्वारा किया जाने वाला धीमा, जानबूझकर और रहस्यमय नृत्य है। यह मूक (शांत) नृत्य स्थानीय समुदाय और सऊनी आत्माओं के बीच संवाद का माध्यम माना जाता है।


    #raulane #festival #kinnaur #himachal #scrolllink
    राउलाने महोत्सव (Raulane Festival) ⛰️ राउलाने महोत्सव: किन्नौर की एक अदृश्य परंपरा राउलाने महोत्सव भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के किन्नौर क्षेत्र में मनाया जाने वाला एक अनूठा और प्राचीन त्योहार है। यह स्थानीय संस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान को दर्शाता है। 🌟 महोत्सव का मूल उद्देश्य * देवियों और आत्माओं का सम्मान: यह त्योहार मुख्य रूप से स्थानीय पहाड़ी परियों या आत्माओं, जिन्हें सऊनी (Sauni) या देवणे (Deohne) कहा जाता है, को समर्पित है। * शीतकालीन सुरक्षा के लिए धन्यवाद: किन्नौरी लोगों का मानना है कि ये आत्माएं कठोर सर्दियों के दौरान उनकी और उनके गाँवों की रक्षा करने के लिए स्वर्ग से उतरती हैं। * समारोहिक विदाई: यह महोत्सव वसंत ऋतु के आगमन पर इन आत्माओं को उनके निवास स्थान पर वापस भेजने के लिए एक भावभीनी विदाई समारोह के रूप में आयोजित किया जाता है, जिसमें उनकी सुरक्षा के लिए धन्यवाद दिया जाता है। 🎭 'राउला' और 'राउलाने' की भूमिका इस त्योहार का सबसे महत्वपूर्ण और विशिष्ट पहलू प्रतीकात्मक दूल्हा और दुल्हन हैं: * राउला (दूल्हा) और राउलाने (दुल्हन): गाँव के दो पुरुषों को इन रस्मों को निभाने के लिए चुना जाता है। * रहस्यमय वेशभूषा: दोनों पुरुष पारम्परिक, भारी किन्नौरी ऊनी वस्त्र पहनते हैं। वे पूरी तरह से ढके होते हैं, और सबसे खास बात यह है कि वे नकाब (मास्क) और दस्ताने पहनते हैं। यह वेशभूषा उन्हें मानव और आध्यात्मिक दुनिया के बीच एक सेतु (पुल) के रूप में बदल देती है। * राउलाने (दुल्हन) को पारंपरिक महिलाओं के आभूषणों और वेशभूषा से सजाया जाता है। * राउला (दूल्हा) अपने चेहरे को लाल कपड़े या मास्क से ढक लेता है। ✨ प्रमुख अनुष्ठान * नृत्य: इस अनुष्ठान का केंद्र बिंदु नागिन नारायण मंदिर जैसे स्थानीय मंदिर के पास राउला और राउलाने द्वारा किया जाने वाला धीमा, जानबूझकर और रहस्यमय नृत्य है। यह मूक (शांत) नृत्य स्थानीय समुदाय और सऊनी आत्माओं के बीच संवाद का माध्यम माना जाता है। #raulane #festival #kinnaur #himachal #scrolllink
    Like
    Love
    wow
    6
    1 Comentários 0 Compartilhamentos 718 Visualizações 0 Anterior
  • देव नृत्य...
    नाग देवता तुंदल

    #devnritya #devparampara #himachal #mandiculture #naagdevta #scrolllink
    देव नृत्य... नाग देवता तुंदल #devnritya #devparampara #himachal #mandiculture #naagdevta #scrolllink
    Like
    Love
    wow
    4
    1 Comentários 0 Compartilhamentos 1KB Visualizações 0 Anterior
  • श्रावस्ती के इकौना क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच लोग संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए!
    श्रावस्ती जिले में अचानक भय और सन्नाटे में तब बदल गई, जब एक बंद कमरे का दरवाजा न खुलने पर परिजनों को अनहोनी का शक हुआ. लेकिन किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि दरवाजा टूटने के बाद सामने इतना भयावह दृश्य दिखाई देगा. उत्तरप्रदेश के छोटे से जिले श्रावस्ती में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत कैसे हुई ?

    #UttarPradesh #Death #Mystery #Crime #scrolllink
    श्रावस्ती के इकौना क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच लोग संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए! श्रावस्ती जिले में अचानक भय और सन्नाटे में तब बदल गई, जब एक बंद कमरे का दरवाजा न खुलने पर परिजनों को अनहोनी का शक हुआ. लेकिन किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि दरवाजा टूटने के बाद सामने इतना भयावह दृश्य दिखाई देगा. उत्तरप्रदेश के छोटे से जिले श्रावस्ती में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत कैसे हुई ? #UttarPradesh #Death #Mystery #Crime #scrolllink
    Sad
    3
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 688 Visualizações 0 Anterior
  • पंजाब में एक अमृत धारी सिख जो पूरी तरह से सिख वेशभूषा में रहता था पांचो ककार धारण करता था लेकिन क्रिश्चियन बन चुका था उसके बाइक पर ईसा मसीह की तस्वीर थी उसके घर पर क्रॉस बना था

    फिर निहंगों का एक समूह उसके घर पर धावा बोला उसकी पिटाई की उसके शरीर से पांचो ककार उतार लिया

    एक तरह से यह ठीक है अगर तुम क्रिश्चियन बन चुके हो तब तुम्हें अमृतधारी वेश में पांच ककार नहीं धारण करना चाहिए

    लेकिन दूसरी बात यह है कि अगर यह घटना किसी बीजेपी शासित राज्य में बजरंग दल वाले किए होते तो अब तक केजरीवाल संजय सिंह सारे कांग्रेसी नेता छाती कूट-कूट कर पागल हो गए होते एमनेस्टी इंटरनेशनल से लेकर तमाम संस्थाएं ट्वीट करती

    #scrolllink #sikkh #nihang #christians #Punjab
    पंजाब में एक अमृत धारी सिख जो पूरी तरह से सिख वेशभूषा में रहता था पांचो ककार धारण करता था लेकिन क्रिश्चियन बन चुका था उसके बाइक पर ईसा मसीह की तस्वीर थी उसके घर पर क्रॉस बना था फिर निहंगों का एक समूह उसके घर पर धावा बोला उसकी पिटाई की उसके शरीर से पांचो ककार उतार लिया एक तरह से यह ठीक है अगर तुम क्रिश्चियन बन चुके हो तब तुम्हें अमृतधारी वेश में पांच ककार नहीं धारण करना चाहिए लेकिन दूसरी बात यह है कि अगर यह घटना किसी बीजेपी शासित राज्य में बजरंग दल वाले किए होते तो अब तक केजरीवाल संजय सिंह सारे कांग्रेसी नेता छाती कूट-कूट कर पागल हो गए होते एमनेस्टी इंटरनेशनल से लेकर तमाम संस्थाएं ट्वीट करती #scrolllink #sikkh #nihang #christians #Punjab
    Like
    2
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 688 Visualizações 0 Anterior
  • #NewsLiveNow फिल्म जगत के मशहूर अभिनेता गोविंदा की तबीयत मंगलवार रात करीब आठ बजे अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि उन्हें डिसओरिएंटेशन की समस्या हुई, जिसके चलते उनकी हालत नाजुक हो गई। फिलहाल गोविंदा को मुंबई के जुहू स्थित क्रिटिकेयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। उनके करीबी दोस्त और कानूनी सलाहकार ललित बिंदल ने इस बात की पुष्टि की है।

    #Bollywood #ActorGovinda #HealthIssues
    #NewsLiveNow फिल्म जगत के मशहूर अभिनेता गोविंदा की तबीयत मंगलवार रात करीब आठ बजे अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि उन्हें डिसओरिएंटेशन की समस्या हुई, जिसके चलते उनकी हालत नाजुक हो गई। फिलहाल गोविंदा को मुंबई के जुहू स्थित क्रिटिकेयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। उनके करीबी दोस्त और कानूनी सलाहकार ललित बिंदल ने इस बात की पुष्टि की है। #Bollywood #ActorGovinda #HealthIssues
    Sad
    1
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 662 Visualizações 0 Anterior
  • 1971 का नेशनल ऑनर ऐक्ट बदलना चाहिए और “वंदेमातरम्” को “राष्ट्रगान” तथा “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि” को “राष्ट्रगीत” घोषित करना चाहिए

    #scrolllink #VandeMataram #NamsteSadaVatsale #Maribhoomi #Bharat
    1971 का नेशनल ऑनर ऐक्ट बदलना चाहिए और “वंदेमातरम्” को “राष्ट्रगान” तथा “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि” को “राष्ट्रगीत” घोषित करना चाहिए #scrolllink #VandeMataram #NamsteSadaVatsale #Maribhoomi #Bharat
    Like
    Angry
    3
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 705 Visualizações 0 Anterior
Páginas impulsionada