• उसने किसी को उकसाया नहीं।
    उसने कोई दंगा शुरू नहीं किया।

    उसका एकमात्र अपराध उसका तिलक था।
    उसका एकमात्र अपराध उसका नाम था।

    हिंदू चाहें तो अभी आँखें बंद कर के खुद को सुरक्षित समझ सकते हैं।

    लेकिन आग अनुमति लेकर नहीं फैलती।
    #AllEyesOnBangladeshiHindus #scrolllink #malechchh #islam #muslims #jehadi
    उसने किसी को उकसाया नहीं। उसने कोई दंगा शुरू नहीं किया। उसका एकमात्र अपराध उसका तिलक था। उसका एकमात्र अपराध उसका नाम था। हिंदू चाहें तो अभी आँखें बंद कर के खुद को सुरक्षित समझ सकते हैं। लेकिन आग अनुमति लेकर नहीं फैलती। #AllEyesOnBangladeshiHindus #scrolllink #malechchh #islam #muslims #jehadi
    Angry
    2
    0 Commentarios 1 Acciones 930 Views 0 Vista previa
  • अर्नब बिल्कुल सही कह रहे हैं।
    हिन्दु हिन्दुस्तान में नही आएगा तो और कहां जाएगा।
    मैं तो कहूंगा कि बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रही हिंसा पर मोदी सरकार की खामोशी भी किसी अपराध से कम नहीं है। इंडी गठबंधन से उम्मीद रखना फिजूल है कयूंकि उन्हें केवल मुसलमानों की ही चिंता करना रहता है।#AllEyesOnBangladeshiHindus #islam #muslims #jehadi #malechchh #Terrorist
    अर्नब बिल्कुल सही कह रहे हैं। हिन्दु हिन्दुस्तान में नही आएगा तो और कहां जाएगा। मैं तो कहूंगा कि बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रही हिंसा पर मोदी सरकार की खामोशी भी किसी अपराध से कम नहीं है। इंडी गठबंधन से उम्मीद रखना फिजूल है कयूंकि उन्हें केवल मुसलमानों की ही चिंता करना रहता है।#AllEyesOnBangladeshiHindus #islam #muslims #jehadi #malechchh #Terrorist
    Like
    5
    0 Commentarios 0 Acciones 2K Views 0 Vista previa
  • जिस हिंदू लड़के को फांसी पर लटका के जिंदा जला दिया गया था उसका आरोपी यही है।

    मुसलमान किसी भी हिंदू पर पैगंबर का झूठा आरोप लगाकर उसे जिंदा जला सकता है।

    #BangladeshViolence
    #AllEyesOnBangladeshiHindus #Muhammad #Suar #islam #Atankwadi #jehadi #muslims #Malechchh #scrolllink
    जिस हिंदू लड़के को फांसी पर लटका के जिंदा जला दिया गया था उसका आरोपी यही है। मुसलमान किसी भी हिंदू पर पैगंबर का झूठा आरोप लगाकर उसे जिंदा जला सकता है। #BangladeshViolence #AllEyesOnBangladeshiHindus #Muhammad #Suar #islam #Atankwadi #jehadi #muslims #Malechchh #scrolllink
    Angry
    2
    0 Commentarios 0 Acciones 653 Views 0 Vista previa
  • भगाओ इन देश के गद्दारों को

    एक भी गन्दी कौम का कीड़ा भारत में न रहे...

    असम में बांग्लादेशी मियाओं के खिलाफ
    हज़ारों लोग मशाल लेकर सड़कों पे उतरे...

    अब असम ने ठाना है.. एक एक ठुल्ला भगाना है

    #scrolllink #Muslims #islam #jehadi #bangladeshi #malechchh
    भगाओ इन देश के गद्दारों को एक भी गन्दी कौम का कीड़ा भारत में न रहे... असम में बांग्लादेशी मियाओं के खिलाफ हज़ारों लोग मशाल लेकर सड़कों पे उतरे... अब असम ने ठाना है.. एक एक ठुल्ला भगाना है #scrolllink #Muslims #islam #jehadi #bangladeshi #malechchh
    Like
    Yay
    5
    0 Commentarios 0 Acciones 1K Views 0 Vista previa
  • ये खतरा बढ़ता ही जा रहा है। पानी अब सर के ऊपर तक पहुंच चुका है। बांग्लादेशी घुसपैठिया सेना के भीतर घुस कर मजदूरी कर रहा है।
    @AmitShah जी चाहे SIR करवाइए या NRC, ठोस कार्रवाई करने इन घुसपैठियों को निकालिए।

    #NRC #Bangladeshi #muslims #islam #jehadi #army #scrolllink
    ये खतरा बढ़ता ही जा रहा है। पानी अब सर के ऊपर तक पहुंच चुका है। बांग्लादेशी घुसपैठिया सेना के भीतर घुस कर मजदूरी कर रहा है। @AmitShah जी चाहे SIR करवाइए या NRC, ठोस कार्रवाई करने इन घुसपैठियों को निकालिए। #NRC #Bangladeshi #muslims #islam #jehadi #army #scrolllink
    Angry
    1
    0 Commentarios 0 Acciones 757 Views 0 Vista previa
  • गिरफ्तार की गई महिला बांग्लादेशी फातिमा फहीमुद्दीन है।
    3 महीने पहले, उसे मुंबई पुलिस ने पकड़ा था और बांग्लादेश वापस भेज दिया था।
    वह पश्चिम बंगाल के रास्ते फिर से भारत आ गई और अब उसके पास माला विट्ठल दावखर नाम का आधार कार्ड है।
    उसे महाराष्ट्र पुलिस ने फिर से गिरफ्तार कर लिया है।

    आधार कार्ड सहित सभी भारतीय पहचान पत्रों के बनाने के कठोर नियम बने, जो राजनेतिक दल इसमें अड़ंगे लगाए उसे अदालत में खड़ा किया जाए...
    देश की सुरक्षा राजनेतिक मतभेद पर नर्माहट से संभव नहीं...
    कड़े नियम...कड़ी कार्यवाही...


    #scrolllink #Bangladeshi #ghuspaithiye #rohingya #muslims #jehadi #islam #mulli
    गिरफ्तार की गई महिला बांग्लादेशी फातिमा फहीमुद्दीन है। 3 महीने पहले, उसे मुंबई पुलिस ने पकड़ा था और बांग्लादेश वापस भेज दिया था। वह पश्चिम बंगाल के रास्ते फिर से भारत आ गई और अब उसके पास माला विट्ठल दावखर नाम का आधार कार्ड है। उसे महाराष्ट्र पुलिस ने फिर से गिरफ्तार कर लिया है। आधार कार्ड सहित सभी भारतीय पहचान पत्रों के बनाने के कठोर नियम बने, जो राजनेतिक दल इसमें अड़ंगे लगाए उसे अदालत में खड़ा किया जाए... देश की सुरक्षा राजनेतिक मतभेद पर नर्माहट से संभव नहीं... कड़े नियम...कड़ी कार्यवाही... 🇮🇳🇮🇳 #scrolllink #Bangladeshi #ghuspaithiye #rohingya #muslims #jehadi #islam #mulli
    Like
    1
    0 Commentarios 0 Acciones 676 Views 0 Vista previa
  • ब्रेकिंग न्यूज़: चौंकाने वाली खबर..

    मध्य प्रदेश में पलाश अधिकारी नाम के एक व्यक्ति को पुलिस ने बांग्लादेशी होने के शक में हिरासत में लिया। पलाश टूटी-फूटी हिंदी में बता रहा था कि वह भारतीय है और हिंदू भी।

    बाकी कहानी पढ़कर आपको हैरानी होगी.. पुलिस ने कहा कि वह भारतीय नहीं है।

    लेकिन पलाश ने अपना आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड और कई अन्य दस्तावेज़ दिखाकर साबित किया कि वह भारतीय नागरिक और हिंदू है।

    इसके बावजूद, पुलिस ने उस पर विश्वास नहीं किया और मामला अदालत पहुँच गया। अदालत में पलाश से कुछ बुनियादी सवाल पूछे गए:

    नाम? पलाश अधिकारी

    उम्र? 42 वर्ष

    पिता का नाम? रमेश अधिकारी

    पता? काशिमपुर, मालदा, पश्चिम बंगाल

    अदालत ने इन तथ्यों की जाँच मतदाता सूची और आधार रिकॉर्ड से की और पाया कि ये सभी जानकारी रिकॉर्ड में मौजूद थीं।

    रमेश अधिकारी के चार बेटे दिखाए गए थे: पलाश, सुभ्रतो, सौमेन और राहुल। अब सवाल यह उठा कि अगर रमेश अधिकारी भारतीय हैं, तो उनके बेटे भी स्वाभाविक रूप से भारतीय ही होंगे।

    लेकिन जब अदालत ने पुराने रिकॉर्ड, खासकर 2002 की विशेष जाँच रिपोर्ट (SIR) देखी, तो एक चौंकाने वाला सच सामने आया।

    2002 और 2010 के रिकॉर्ड में, रमेश अधिकारी के केवल दो बेटे थे: सुभ्रतो और सौमेन। पलाश और राहुल का कोई ज़िक्र नहीं था। 2015 में, अचानक रमेश के चारों बेटे मतदाता सूची में दिखाई देने लगे।

    जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ी, पता चला:

    रमेश की शादी 1993 में हुई थी।

    पहला बेटा सुभ्रतो 1995 में पैदा हुआ था (अब 30 साल का है)। दूसरा बेटा सौमेन 1997 में पैदा हुआ था (अब 28 साल का है)। लेकिन पलाश 42 साल का था - यानी उसका जन्म 1983 में हुआ था, यानी रमेश की शादी से पहले।

    यह मुमकिन नहीं था..!!!

    जब रमेश अधिकारी से पूछा गया कि क्या वह पलाश या राहुल को जानता है, तो उसने साफ़ कहा कि वह नहीं जानता। तब असली पहचान उजागर हुई:

    पलाश अधिकारी असल में शेख मोइनुद्दीन था, जो अहमदपुर, खुलना, बांग्लादेश का रहने वाला था। उसने फ़र्ज़ी दस्तावेज़ बनाकर और खुद को भारतीय और हिंदू बताकर घुसपैठ की थी।

    पिछले 10 सालों से वह मज़दूर बनकर गुप्त रूप से कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल था। राहुल अधिकारी नाम का यह शख्स कौन है, यह कोई नहीं जानता - पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

    रमेश अधिकारी, जो एक साधारण किसान हैं, खुद हैरान थे कि कैसे एक अनजान व्यक्ति उनके बच्चे के रूप में दस्तावेज़ों में शामिल हो गया। यह मामला दिखाता है कि कैसे हज़ारों बांग्लादेशी घुसपैठिए फ़र्ज़ी नामों से आधार, वोटर आईडी और पैन कार्ड बनवाकर खुद को भारतीय साबित कर रहे हैं। यह देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर ख़तरा है।

    सरकार से माँग है कि मतदाता सूची की गहन जाँच की जाए और ऐसे फ़र्ज़ी नागरिकों की पहचान करके उन्हें बाहर निकाला जाए।

    कृपया इस पोस्ट को शेयर करें और जागरूकता फैलाएँ।

    #Bangladeshi #ghuspaithiye #scrolllink #alert
    ब्रेकिंग न्यूज़: चौंकाने वाली खबर.. मध्य प्रदेश में पलाश अधिकारी नाम के एक व्यक्ति को पुलिस ने बांग्लादेशी होने के शक में हिरासत में लिया। पलाश टूटी-फूटी हिंदी में बता रहा था कि वह भारतीय है और हिंदू भी। बाकी कहानी पढ़कर आपको हैरानी होगी.. 😨 पुलिस ने कहा कि वह भारतीय नहीं है। लेकिन पलाश ने अपना आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड और कई अन्य दस्तावेज़ दिखाकर साबित किया कि वह भारतीय नागरिक और हिंदू है। इसके बावजूद, पुलिस ने उस पर विश्वास नहीं किया और मामला अदालत पहुँच गया। अदालत में पलाश से कुछ बुनियादी सवाल पूछे गए: नाम? पलाश अधिकारी उम्र? 42 वर्ष पिता का नाम? रमेश अधिकारी पता? काशिमपुर, मालदा, पश्चिम बंगाल अदालत ने इन तथ्यों की जाँच मतदाता सूची और आधार रिकॉर्ड से की और पाया कि ये सभी जानकारी रिकॉर्ड में मौजूद थीं। रमेश अधिकारी के चार बेटे दिखाए गए थे: पलाश, सुभ्रतो, सौमेन और राहुल। अब सवाल यह उठा कि अगर रमेश अधिकारी भारतीय हैं, तो उनके बेटे भी स्वाभाविक रूप से भारतीय ही होंगे। लेकिन जब अदालत ने पुराने रिकॉर्ड, खासकर 2002 की विशेष जाँच रिपोर्ट (SIR) देखी, तो एक चौंकाने वाला सच सामने आया। 2002 और 2010 के रिकॉर्ड में, रमेश अधिकारी के केवल दो बेटे थे: सुभ्रतो और सौमेन। पलाश और राहुल का कोई ज़िक्र नहीं था। 2015 में, अचानक रमेश के चारों बेटे मतदाता सूची में दिखाई देने लगे। जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ी, पता चला: रमेश की शादी 1993 में हुई थी। पहला बेटा सुभ्रतो 1995 में पैदा हुआ था (अब 30 साल का है)। दूसरा बेटा सौमेन 1997 में पैदा हुआ था (अब 28 साल का है)। लेकिन पलाश 42 साल का था - यानी उसका जन्म 1983 में हुआ था, यानी रमेश की शादी से पहले। यह मुमकिन नहीं था..!!! जब रमेश अधिकारी से पूछा गया कि क्या वह पलाश या राहुल को जानता है, तो उसने साफ़ कहा कि वह नहीं जानता। तब असली पहचान उजागर हुई: पलाश अधिकारी असल में शेख मोइनुद्दीन था, जो अहमदपुर, खुलना, बांग्लादेश का रहने वाला था। उसने फ़र्ज़ी दस्तावेज़ बनाकर और खुद को भारतीय और हिंदू बताकर घुसपैठ की थी। पिछले 10 सालों से वह मज़दूर बनकर गुप्त रूप से कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल था। राहुल अधिकारी नाम का यह शख्स कौन है, यह कोई नहीं जानता - पुलिस उसकी तलाश कर रही है। रमेश अधिकारी, जो एक साधारण किसान हैं, खुद हैरान थे कि कैसे एक अनजान व्यक्ति उनके बच्चे के रूप में दस्तावेज़ों में शामिल हो गया। यह मामला दिखाता है कि कैसे हज़ारों बांग्लादेशी घुसपैठिए फ़र्ज़ी नामों से आधार, वोटर आईडी और पैन कार्ड बनवाकर खुद को भारतीय साबित कर रहे हैं। यह देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर ख़तरा है। सरकार से माँग है कि मतदाता सूची की गहन जाँच की जाए और ऐसे फ़र्ज़ी नागरिकों की पहचान करके उन्हें बाहर निकाला जाए। कृपया इस पोस्ट को शेयर करें और जागरूकता फैलाएँ। #Bangladeshi #ghuspaithiye #scrolllink #alert
    Like
    3
    0 Commentarios 0 Acciones 658 Views 0 Vista previa
  • बांग्लादेशी मुस्लिम को हिरासत में लिया है जिसने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड बनवा रखा था
    इस बांग्लादेशी का नाम अयान खान है

    यह एक ट्रांसजेंडर मुस्लिम हैं।
    ट्रांसजेंडर को उसके अनुयायी गुरु मां कहते थे।

    पिछले कई वर्षों से हिंदू बनकर रह रहा था

    मुंबई जैसे महंगे शहर में इसने 20 से ज्यादा प्रॉपर्टी बना लिया, सब की जांच चल रही है, फिलहाल इसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

    सिस्टम की कमी और कुछ गद्दार मक्कार लोगों की निजी स्वार्थ का फायदा उठाकर यह लोग धीरे-धीरे भारत को खोखला करते जा रहे हैं, अगर ऐसे ही चलते रहा तो आने वाले कुछ वर्षों में भारत का हाल बांग्लादेश और पाकिस्तान से भी बुरा होगा तथा यह भी एक इस्लामिक मुल्क बन जाएगा

    समय रहते संभल जाना चाहिए

    #bangladeshi #rohingya #muslims #scrolllink
    बांग्लादेशी मुस्लिम को हिरासत में लिया है जिसने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड बनवा रखा था इस बांग्लादेशी का नाम अयान खान है यह एक ट्रांसजेंडर मुस्लिम हैं। ट्रांसजेंडर को उसके अनुयायी गुरु मां कहते थे। पिछले कई वर्षों से हिंदू बनकर रह रहा था मुंबई जैसे महंगे शहर में इसने 20 से ज्यादा प्रॉपर्टी बना लिया, सब की जांच चल रही है, फिलहाल इसे गिरफ्तार कर लिया गया है। सिस्टम की कमी और कुछ गद्दार मक्कार लोगों की निजी स्वार्थ का फायदा उठाकर यह लोग धीरे-धीरे भारत को खोखला करते जा रहे हैं, अगर ऐसे ही चलते रहा तो आने वाले कुछ वर्षों में भारत का हाल बांग्लादेश और पाकिस्तान से भी बुरा होगा तथा यह भी एक इस्लामिक मुल्क बन जाएगा समय रहते संभल जाना चाहिए #bangladeshi #rohingya #muslims #scrolllink
    0 Commentarios 0 Acciones 682 Views 0 Vista previa