• #NewsLiveNow वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय अफरातफरी मच गई जब एक यात्री ने एप्रन से रनवे की तरफ बढ़ रहे विमान का आपातकालीन द्वार खोलने का प्रयास किया।

    #newsinhindi #UttarPradesh #varanasi
    #NewsLiveNow वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय अफरातफरी मच गई जब एक यात्री ने एप्रन से रनवे की तरफ बढ़ रहे विमान का आपातकालीन द्वार खोलने का प्रयास किया। #newsinhindi #UttarPradesh #varanasi
    NEWSLIVENOW.COM
    वाराणसी एयरपोर्ट पर हंगामा: रनवे की ओर बढ़ रहे विमान का इमरजेंसी दरवाज़ा खोलने की कोशिश, यात्री उतारा गया
    (न्यूज़लाइवनाउ-UP) वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय अफरातफरी मच गई जब एक यात्री ने एप्रन से रनवे की तरफ बढ़ रहे विमान का
    Like
    2
    0 Комментарии 0 Поделились 499 Просмотры 0 предпросмотр
  • #NewsLiveNow वाराणसी में 28 अक्टूबर को डॉ. इंदीवर की पुस्तक ‘अग्निरथ का सारथी’ का विमोचन समारोह आयोजित किया जाएगा। यह कृति पद्मश्री पंडित मनु शर्मा के जीवन-पथ और उनके साहित्यिक योगदान पर आधारित है। यह आयोजन मनु शर्मा की 98वीं जयंती के अवसर पर रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में संपन्न होगा।

    #Varanasi #ManuSharma #AgnirathKaSarath
    #NewsLiveNow वाराणसी में 28 अक्टूबर को डॉ. इंदीवर की पुस्तक ‘अग्निरथ का सारथी’ का विमोचन समारोह आयोजित किया जाएगा। यह कृति पद्मश्री पंडित मनु शर्मा के जीवन-पथ और उनके साहित्यिक योगदान पर आधारित है। यह आयोजन मनु शर्मा की 98वीं जयंती के अवसर पर रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में संपन्न होगा। #Varanasi #ManuSharma #AgnirathKaSarath
    Like
    2
    0 Комментарии 0 Поделились 501 Просмотры 0 предпросмотр
  • The Marriage of Shiva and Parvati

    10th century CE, Pratihara period, Varanasi.

    #varanasi #shiva #parvati #marriage #scrolllink
    The Marriage of Shiva and Parvati 10th century CE, Pratihara period, Varanasi. #varanasi #shiva #parvati #marriage #scrolllink
    Love
    5
    0 Комментарии 0 Поделились 805 Просмотры 0 предпросмотр
  • A rare Ekamukhi Shivling was discovered near Chaubepur, ~20 km from Varanasi, during a cremation. BHU’s Prof. Gyaneshwar Chaubey & locals found it on Ganga’s northern bank. Experts date it to the 9th–10th century Gurjara–Pratihara era.

    A lost Shiva temple calling? 🥹

    #ekmukhiShivling #shiva #linga #rudra #scrolllink
    A rare Ekamukhi Shivling was discovered near Chaubepur, ~20 km from Varanasi, during a cremation. BHU’s Prof. Gyaneshwar Chaubey & locals found it on Ganga’s northern bank. Experts date it to the 9th–10th century Gurjara–Pratihara era. A lost Shiva temple calling? 🥹 #ekmukhiShivling #shiva #linga #rudra #scrolllink
    Love
    1
    0 Комментарии 0 Поделились 874 Просмотры 0 предпросмотр
  • काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के जीन विज्ञानी प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे को शहर से 20 किमी उत्तर उनके गांव चौबेपुर के पास गंगा नदी के किनारे एक दुर्लभ एकमुखी शिवलिंग की प्रतिमा मिली। बलुआ पत्थर से बनी दुर्लभ एकमुखी शिवलिंग की मूर्ति अत्यंत सुंदर एवं कलात्मक है।

    इसके मुख पर भगवान शिव की शांत मुद्रा, जटामुकुट, गोल कुंडल, गले की माला तथा सूक्ष्म नक्काशी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। मूर्ति का ऊपरी भाग गोलाकार लिंग रूप में है जबकि सामने की दिशा में एक विशिष्ट मुख उकेरा गया है जो इसे अत्यंत दुर्लभ बनाता है।

    यह मूर्ति उन्हें एक ग्रामीण के खेत में तब मिली जब वे अपने गांव के साथियों के साथ वहां एक दाह संस्कार में सम्मिलित होने गए। इस प्राचीन मूर्ति का अध्ययन और अवलोकन कर प्रमुख पुरातत्वविद बीएचयू के डा. सचिन तिवारी, डा. राकेश तिवारी और प्रोफेसर वसंत शिंदे ने इसके नौंवी-दसवीं सदी ईस्वी की गुर्जर-प्रतिहार काल का होना बताया है। मूर्ति शिल्प काशी–सारनाथ कला परंपरा से प्रभावित है।

    #LordShiv #EkmukhiShivling #Varanasi #UttarPradesh #scrolllink
    काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के जीन विज्ञानी प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे को शहर से 20 किमी उत्तर उनके गांव चौबेपुर के पास गंगा नदी के किनारे एक दुर्लभ एकमुखी शिवलिंग की प्रतिमा मिली। बलुआ पत्थर से बनी दुर्लभ एकमुखी शिवलिंग की मूर्ति अत्यंत सुंदर एवं कलात्मक है। इसके मुख पर भगवान शिव की शांत मुद्रा, जटामुकुट, गोल कुंडल, गले की माला तथा सूक्ष्म नक्काशी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। मूर्ति का ऊपरी भाग गोलाकार लिंग रूप में है जबकि सामने की दिशा में एक विशिष्ट मुख उकेरा गया है जो इसे अत्यंत दुर्लभ बनाता है। यह मूर्ति उन्हें एक ग्रामीण के खेत में तब मिली जब वे अपने गांव के साथियों के साथ वहां एक दाह संस्कार में सम्मिलित होने गए। इस प्राचीन मूर्ति का अध्ययन और अवलोकन कर प्रमुख पुरातत्वविद बीएचयू के डा. सचिन तिवारी, डा. राकेश तिवारी और प्रोफेसर वसंत शिंदे ने इसके नौंवी-दसवीं सदी ईस्वी की गुर्जर-प्रतिहार काल का होना बताया है। मूर्ति शिल्प काशी–सारनाथ कला परंपरा से प्रभावित है। #LordShiv #EkmukhiShivling #Varanasi #UttarPradesh #scrolllink
    Like
    1
    0 Комментарии 1 Поделились 855 Просмотры 0 предпросмотр
  • #Deepavali2025 in #Varanasi #kashi #scrolllink 🙏🏼
    #Deepavali2025 in #Varanasi #kashi #scrolllink 😍🙏🏼
    Love
    Like
    4
    0 Комментарии 0 Поделились 614 Просмотры 0 предпросмотр
  • #NewsLiveNow वाराणसी: अभिनेता व सांसद रवि किशन ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में लगाई हाजिरी, सोशल मीडिया पर साझा कीं पूजन की झलकियां।

    #Varanasi #KashiVishwanath #RaviKishan
    #NewsLiveNow वाराणसी: अभिनेता व सांसद रवि किशन ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में लगाई हाजिरी, सोशल मीडिया पर साझा कीं पूजन की झलकियां। #Varanasi #KashiVishwanath #RaviKishan
    Like
    2
    0 Комментарии 1 Поделились 791 Просмотры 0 предпросмотр