• #NewsLiveNow उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने से राज्यभर में 91 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। दूसरी ओर, प्रदेश के 11 बांधों और बैराजों में पानी का स्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    #HindiNews #uttarakhand #WeatherUpdate #heavyrain
    #NewsLiveNow उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने से राज्यभर में 91 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। दूसरी ओर, प्रदेश के 11 बांधों और बैराजों में पानी का स्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। #HindiNews #uttarakhand #WeatherUpdate #heavyrain
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    उत्तराखंड में 91 सड़कें बंद, 11 बांध और बैराज का जलस्तर खतरे के करीब
    (न्यूज़लाइवनाउ-Uttarakhand) उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने से
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  • #NewsLiveNow उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी वर्षा ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में भूस्खलन, मलबा गिरने और सड़कें क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क बाधित हो गया है। सबसे अधिक असर चमोली जिले में देखा गया है, जहां अनेक मार्गों पर आवाजाही ठप पड़ गई है।

    #HindiNews #uttarakhand #WeatherUpdate #ChamoliUttarakhand #heavyrain
    #NewsLiveNow उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी वर्षा ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में भूस्खलन, मलबा गिरने और सड़कें क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क बाधित हो गया है। सबसे अधिक असर चमोली जिले में देखा गया है, जहां अनेक मार्गों पर आवाजाही ठप पड़ गई है। #HindiNews #uttarakhand #WeatherUpdate #ChamoliUttarakhand #heavyrain
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    उत्तराखंड में बारिश का कहर: 34 ग्रामीण सड़कें बंद, चमोली सबसे अधिक प्रभावित
    (न्यूज़लाइवनाउ-Uttarakhand) उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी वर्षा ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में भूस्खलन, मलबा गिरने और
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  • #NewsLiveNow उत्तराखंड की राजनीति और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे खंडूड़ी ने देहरादून के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उनकी बेटी और उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने की।

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    #NewsLiveNow उत्तराखंड की राजनीति और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे खंडूड़ी ने देहरादून के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उनकी बेटी और उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने की। #HindiNews #BhuvanChandra #uttarakhand #CM #BJPGovernment
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    उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का 91 वर्ष की आयु में निधन
    (न्यूज़लाइवनाउ-India) उत्तराखंड की राजनीति और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी का 91 वर्ष की
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  • देवीधुरा वाराही धाम - उत्तराखंड


    “देवीधुरा“ हिमालयी राज्य उत्तराखंड के चम्पावत जिले में स्थित है। देवीधुरा को स्थानीय भाषा में “देधुर“ भी कहा जाता है। देवदार के विशाल वृक्षों से आच्छादित मनोहारी प्राकृतिक छटा बिखेरता देवीधुरा नामक यह तीर्थ स्थल समुद्र सतह से 6633 फीट ऊंची चोटी पर स्थित है।

    यहां की जलवायु ठण्डी है और दिसम्बर-जनवरी में बर्फ गिरती है। मां वाराही तीर्थ की चोटी पर भगवान शिव का भव्य मंदिर है। ‘मचवाल’ नाम से प्रसिद्व इस स्थल से हिमालय का जो विहरंग दृश्य दिखाई देता है वह देवीधुरा को और भी अलौकिक बना देता है।

    देवीधुरा में अनेक विशालकाय गोलाकार शिला खण्डों से बनी एक अद्भुत गुफा है। इस गुफा के भीतर अनेक मंदिर हैं जिनमें देवी देवताओं और उनके वाहनों के चित्र उकेरे गए हैं। इसी गुफा में मां वाराही देवी भी विराजमान हैं जिन्हें पिण्डिका या शिलारूप में पूजा जाता है।

    देवीधुरा स्थित श्री वाराही देवी का मंदिर आज विश्व प्रसिद्ध है। स्थानीयजन इसे ‘बाराही देवी’ कहकर पुकारते हैं। सप्तमात्रिकाओं में से एक स्वरूप मां वाराही का है। ग्रंथों में आया है कि समुद्र में डूबती पृथ्वी को उभारने हेतु भगवान विष्णु ने अवतार लिया था जिसे वराह अवतार कहा गया। वराह की जिस शक्ति ने हिरण्याक्ष का वध करके पृथ्वी को बचाया वह वाराही है। वाराही सर्व शक्तिमान हैं। उनकी तीन आंखें हैं, जिसमें दाहिनी आंख समृद्धि प्रदान करती है और बांयी आंख विद्या तथा तीसरी आंख ज्ञान की प्रतीक है। प्रकृति के रूप में वाराही सृष्टि की रचना करती है, विष्णु माया रूप में वह इसे संरक्षित रखती है तथा मृत्यु देवी के रूप में वह सृष्टि का संहार करती है।

    देवीधुरा में अनेक मंदिर हैं, जो विभिन्न देवताओं को समर्पित हैं, किन्तु यहां की मुख्य आराध्य देवी मां वाराही ही है। वाराही को यहां दो पूजास्थल समर्पित है। अर्थात असीम श्रद्धा वाली प्राचीन गुफा मंदिर की मां गुह्येश्वरी तथा सिंहासन डोला के भीतर सदैव गुप्त रहने वाली मां गुप्तेश्वरी। देवी के मंदिर में नित्य पूजा का क्रम इस प्रकार है:- गणेश पूजा, गुह्येश्वरी, द्वारपाल, भैरवथान, कालिका, मचवाल शिव पूजा और अन्त में गुप्तेश्वरी को भोग लगता है।

    शैव संप्रदाय में वाराही मां को माता सती के रूप में पूजते हैं जिसका वर्णन शिव पुराण में हुआ है। शाक्त संप्रदाय में देवी महात्म्य तथा दुर्गा सप्तसती में वाराही का वर्णन हुआ है। वाराही देवी के अनेक स्वरूप हैं। मूर्तियों में उन्हें प्रायः चतुर्भुजी या अष्ठभुजी चित्रित किया गया है। उनके दो हाथ अभय मुद्रा (भय दूर करने वाली) और वरद (सुख-संपत्ति देने वाली) मुद्रा में हैं। अन्य हाथों में वे शंख, चक्र, गदा, कमल, फल, वज्र आदि धारण किये हुए हैं।

    रक्षाबंधन के दिन यहां बग्वाल खेलने की प्रथा है। यहां फलों और पत्थरों से एक दूसरे को मारा जाता है। लाखों लोगों की मौजूदगी में होने वाली बग्वाल में 4 खामों चम्याल, गहरवाल, लमगड़िया और वालिग के अलावा सात थोकों के योद्धा फरों के साथ हिस्सा लेते हैं। रक्षाबंधन पर्व पर यहां देश ही नहीं, विदेश से भी दर्शक इस बग्वाल को देखने के लिए आते हैं।

    बताया जाता है कि यहां पहले नरबलि दी जाती थी। जब गांव की एक बुजुर्ग महिला के बेटे की बारी आई, तो उस महिला ने देवी मां की तपस्या की। देवी ने महिला को बताया कि नर बलि न देकर एक व्यक्ति के बराबर रक्त होना चाहिए। तब से लेकर अभी तक इस बग्वाल में लोग फलों और पत्थरों से खेलते हैं। जब तक लोगों को चोट नहीं लग जाती और उनके खून नहीं निकल जाता, तब तक बग्वाल खेली जाती है।

    मां बाराही धाम देवीधुरा की भीम शिला का आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व है। भीम शिला एक विशालकाय शिला है जिसे लेकर मान्यता है कि अज्ञातवास के समय पांडवों ने यहाँ वास किया और वे इस शिला के ऊपर चौसर खेलते थे।


    #varahi #devi #bhagwati #Guhyaeshwari #gupteshwari #himalayasculture #himalayas #uttarakhand
    देवीधुरा वाराही धाम - उत्तराखंड “देवीधुरा“ हिमालयी राज्य उत्तराखंड के चम्पावत जिले में स्थित है। देवीधुरा को स्थानीय भाषा में “देधुर“ भी कहा जाता है। देवदार के विशाल वृक्षों से आच्छादित मनोहारी प्राकृतिक छटा बिखेरता देवीधुरा नामक यह तीर्थ स्थल समुद्र सतह से 6633 फीट ऊंची चोटी पर स्थित है। यहां की जलवायु ठण्डी है और दिसम्बर-जनवरी में बर्फ गिरती है। मां वाराही तीर्थ की चोटी पर भगवान शिव का भव्य मंदिर है। ‘मचवाल’ नाम से प्रसिद्व इस स्थल से हिमालय का जो विहरंग दृश्य दिखाई देता है वह देवीधुरा को और भी अलौकिक बना देता है। देवीधुरा में अनेक विशालकाय गोलाकार शिला खण्डों से बनी एक अद्भुत गुफा है। इस गुफा के भीतर अनेक मंदिर हैं जिनमें देवी देवताओं और उनके वाहनों के चित्र उकेरे गए हैं। इसी गुफा में मां वाराही देवी भी विराजमान हैं जिन्हें पिण्डिका या शिलारूप में पूजा जाता है। देवीधुरा स्थित श्री वाराही देवी का मंदिर आज विश्व प्रसिद्ध है। स्थानीयजन इसे ‘बाराही देवी’ कहकर पुकारते हैं। सप्तमात्रिकाओं में से एक स्वरूप मां वाराही का है। ग्रंथों में आया है कि समुद्र में डूबती पृथ्वी को उभारने हेतु भगवान विष्णु ने अवतार लिया था जिसे वराह अवतार कहा गया। वराह की जिस शक्ति ने हिरण्याक्ष का वध करके पृथ्वी को बचाया वह वाराही है। वाराही सर्व शक्तिमान हैं। उनकी तीन आंखें हैं, जिसमें दाहिनी आंख समृद्धि प्रदान करती है और बांयी आंख विद्या तथा तीसरी आंख ज्ञान की प्रतीक है। प्रकृति के रूप में वाराही सृष्टि की रचना करती है, विष्णु माया रूप में वह इसे संरक्षित रखती है तथा मृत्यु देवी के रूप में वह सृष्टि का संहार करती है। देवीधुरा में अनेक मंदिर हैं, जो विभिन्न देवताओं को समर्पित हैं, किन्तु यहां की मुख्य आराध्य देवी मां वाराही ही है। वाराही को यहां दो पूजास्थल समर्पित है। अर्थात असीम श्रद्धा वाली प्राचीन गुफा मंदिर की मां गुह्येश्वरी तथा सिंहासन डोला के भीतर सदैव गुप्त रहने वाली मां गुप्तेश्वरी। देवी के मंदिर में नित्य पूजा का क्रम इस प्रकार है:- गणेश पूजा, गुह्येश्वरी, द्वारपाल, भैरवथान, कालिका, मचवाल शिव पूजा और अन्त में गुप्तेश्वरी को भोग लगता है। शैव संप्रदाय में वाराही मां को माता सती के रूप में पूजते हैं जिसका वर्णन शिव पुराण में हुआ है। शाक्त संप्रदाय में देवी महात्म्य तथा दुर्गा सप्तसती में वाराही का वर्णन हुआ है। वाराही देवी के अनेक स्वरूप हैं। मूर्तियों में उन्हें प्रायः चतुर्भुजी या अष्ठभुजी चित्रित किया गया है। उनके दो हाथ अभय मुद्रा (भय दूर करने वाली) और वरद (सुख-संपत्ति देने वाली) मुद्रा में हैं। अन्य हाथों में वे शंख, चक्र, गदा, कमल, फल, वज्र आदि धारण किये हुए हैं। रक्षाबंधन के दिन यहां बग्वाल खेलने की प्रथा है। यहां फलों और पत्थरों से एक दूसरे को मारा जाता है। लाखों लोगों की मौजूदगी में होने वाली बग्वाल में 4 खामों चम्याल, गहरवाल, लमगड़िया और वालिग के अलावा सात थोकों के योद्धा फरों के साथ हिस्सा लेते हैं। रक्षाबंधन पर्व पर यहां देश ही नहीं, विदेश से भी दर्शक इस बग्वाल को देखने के लिए आते हैं। बताया जाता है कि यहां पहले नरबलि दी जाती थी। जब गांव की एक बुजुर्ग महिला के बेटे की बारी आई, तो उस महिला ने देवी मां की तपस्या की। देवी ने महिला को बताया कि नर बलि न देकर एक व्यक्ति के बराबर रक्त होना चाहिए। तब से लेकर अभी तक इस बग्वाल में लोग फलों और पत्थरों से खेलते हैं। जब तक लोगों को चोट नहीं लग जाती और उनके खून नहीं निकल जाता, तब तक बग्वाल खेली जाती है। मां बाराही धाम देवीधुरा की भीम शिला का आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व है। भीम शिला एक विशालकाय शिला है जिसे लेकर मान्यता है कि अज्ञातवास के समय पांडवों ने यहाँ वास किया और वे इस शिला के ऊपर चौसर खेलते थे। #varahi #devi #bhagwati #Guhyaeshwari #gupteshwari #himalayasculture #himalayas #uttarakhand
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  • #NewsLiveNow राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार को अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह हादसा उस समय हुआ जब यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे और लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं।

    #HindiNews #latestupdatenews #PMNarendraModi #rajasthan #balotara #fire
    #NewsLiveNow राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार को अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह हादसा उस समय हुआ जब यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे और लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। #HindiNews #latestupdatenews #PMNarendraModi #rajasthan #balotara #fire
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    राजस्थान के बालोतरा जिले में आग लगने से प्रधानमंत्री का राजस्थान दौरा रद्द
    (न्यूज़लाइवनाउ-Rajasthan) राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार को अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह
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  • #NewsLiveNow देश में प्रस्तावित परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण कानून के बीच उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीटों को लेकर बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। केंद्र सरकार की योजना के अनुसार संसद में सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है, जिसका सबसे ज्यादा असर बड़े राज्यों पर देखने को मिलेगा।

    #HindiNews #LatestUpdates #UPNews #LokSabha #uttarakhand

    #NewsLiveNow देश में प्रस्तावित परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण कानून के बीच उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीटों को लेकर बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। केंद्र सरकार की योजना के अनुसार संसद में सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है, जिसका सबसे ज्यादा असर बड़े राज्यों पर देखने को मिलेगा। #HindiNews #LatestUpdates #UPNews #LokSabha #uttarakhand
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    यूपी में लोकसभा सीटों को लेकर नया प्रस्ताव, बदल सकता है पूरा राजनीतिक समीकरण
    (न्यूज़लाइवनाउ-UP) देश में प्रस्तावित परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण कानून के बीच उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीटों को लेकर बड़ा बदलाव सामने आ सकता है।
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  • Oh Kurukulla, the Goddess of Love,
    Source of all existence, below and above,
    Of magic, enchantments, the ultimate energy,
    The raw force, prevailing in all that can be,
    Oh the ever prevailing Shakti, accept my love and devotion to thee.

    Oh the most divine art, always dwelling in my heart,
    With the grace you impart, making sorrows depart,
    You are the blissful enchantress, you are endless spring,
    Ever beautiful and wonderful, showering compassion on your beings,
    Oh the Compassionate Jogani, accept my love and devotion to thee.

    Oh the great Goddess, the highest among the best,
    Most beautiful and shining, in whom the creation manifests,
    Ever-young and radiant, outshining all,
    The eternal ever existing goddess, to you I fall,
    Oh the eternal Nityanandini, accept my love and devotion to thee.

    #kurukulla #tara #devi #devotion #love #shakti #poem #DevotionalVibes #DevotionalPoetry
    Oh Kurukulla, the Goddess of Love, Source of all existence, below and above, Of magic, enchantments, the ultimate energy, The raw force, prevailing in all that can be, Oh the ever prevailing Shakti, accept my love and devotion to thee. Oh the most divine art, always dwelling in my heart, With the grace you impart, making sorrows depart, You are the blissful enchantress, you are endless spring, Ever beautiful and wonderful, showering compassion on your beings, Oh the Compassionate Jogani, accept my love and devotion to thee. Oh the great Goddess, the highest among the best, Most beautiful and shining, in whom the creation manifests, Ever-young and radiant, outshining all, The eternal ever existing goddess, to you I fall, Oh the eternal Nityanandini, accept my love and devotion to thee. #kurukulla #tara #devi #devotion #love #shakti #poem #DevotionalVibes #DevotionalPoetry
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  • https://kaulantakvani.blogspot.com/2024/10/TaraMahatmya.html?m
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  • My Digital painting of Devi Urga Tara !
    Om Streem Tarayay Namo Namaha Om shree Padmapriya Ramapati Ishaputraya Namaha !
    My Digital painting of Devi Urga Tara ! Om Streem Tarayay Namo Namaha 🙏😇Om shree Padmapriya Ramapati Ishaputraya Namaha !🙏
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  • India’s lost heritage is coming home.
    The Smithsonian’s National Museum of Asian Art has announced the return of three ancient bronze sculptures stolen from temples in Tamil Nadu.
    They include a 10th-century Shiva Nataraja, a 12th-century Somaskanda, and a 16th-century Saint Sundarar
    🇮🇳✨ India’s lost heritage is coming home. The Smithsonian’s National Museum of Asian Art has announced the return of three ancient bronze sculptures stolen from temples in Tamil Nadu. They include a 10th-century Shiva Nataraja, a 12th-century Somaskanda, and a 16th-century Saint Sundarar 🙏🕉️
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  • अलख सत्य सत्येन्द्र नाथाय नमो नमः। #Uttarayan #Parv
    अलख सत्य सत्येन्द्र नाथाय नमो नमः। #Uttarayan #Parv
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  • ये हरियाणा के मेवाती मुसलमान हैं , विभाजन के समय यह सब पाकिस्तान जाने को तैयार बैठे थे , बैलगाड़ियां तैयार कर ली गईं थी। लेकिन तब तक अपने राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी को यह बात पता चली। वे मेवात पहुंचे और मेवाती मुसलमानों से भारत को न छोड़ने का आग्रह किया , उनसे कहा कि वे भारत की रीढ़ की हड्डी हैं, उन्हें भारत छोड़ कर नहीं जाना चाहिए।

    जिन जे हा दी यों से देश को मुक्ति मिलने वाली थी वे गांधी के आश्वासन पर यहीं रुक गए। और अब देश की रीढ़ तोड़ने का ऐलान कर रहे हैं। महात्मा तो ऊपर अपने ब्रह्मचर्य के प्रयोग में व्यस्त होंगे पर देश को जो कोढ़ देकर गए उससे अब मवाद रिसना आरम्भ हो चुका है।

    जिन्हें अधिक जानकारी चाहिए वे मेवात और नूंह गूगल पर सर्च कर लें। एक पूरा पाकिस्तान से भी खतरनाक पाकिस्तान दिल्ली से कुछेक किलोमीटर दूर बन चुका है।

    रामलीला कार धमाका तो गुड़िया गुड्डू का खेल है , सोच कर देखिए जब यह ज़ोंबी भीड़ दिल्ली कूच करेगी तो क्या हाल होगा।

    #scrolllink #Mewat #muslims #islam #jehadi #khatara #alert #Atank
    ये हरियाणा के मेवाती मुसलमान हैं , विभाजन के समय यह सब पाकिस्तान जाने को तैयार बैठे थे , बैलगाड़ियां तैयार कर ली गईं थी। लेकिन तब तक अपने राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी को यह बात पता चली। वे मेवात पहुंचे और मेवाती मुसलमानों से भारत को न छोड़ने का आग्रह किया , उनसे कहा कि वे भारत की रीढ़ की हड्डी हैं, उन्हें भारत छोड़ कर नहीं जाना चाहिए। जिन जे हा दी यों से देश को मुक्ति मिलने वाली थी वे गांधी के आश्वासन पर यहीं रुक गए। और अब देश की रीढ़ तोड़ने का ऐलान कर रहे हैं। महात्मा तो ऊपर अपने ब्रह्मचर्य के प्रयोग में व्यस्त होंगे पर देश को जो कोढ़ देकर गए उससे अब मवाद रिसना आरम्भ हो चुका है। जिन्हें अधिक जानकारी चाहिए वे मेवात और नूंह गूगल पर सर्च कर लें। एक पूरा पाकिस्तान से भी खतरनाक पाकिस्तान दिल्ली से कुछेक किलोमीटर दूर बन चुका है। रामलीला कार धमाका तो गुड़िया गुड्डू का खेल है , सोच कर देखिए जब यह ज़ोंबी भीड़ दिल्ली कूच करेगी तो क्या हाल होगा। #scrolllink #Mewat #muslims #islam #jehadi #khatara #alert #Atank
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