• #NewsLiveNow उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त की शुरुआत से अब तक प्रदेश में 49 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से पांच संक्रमित मरीजों की मौत भी हुई है। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार मृतकों में अन्य गंभीर बीमारियां भी थीं।

    #BreakingNews #uttarakhand #dehradun #LatestUpdates #SwineFlu #newsinhindi
    #NewsLiveNow उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त की शुरुआत से अब तक प्रदेश में 49 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से पांच संक्रमित मरीजों की मौत भी हुई है। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार मृतकों में अन्य गंभीर बीमारियां भी थीं। #BreakingNews #uttarakhand #dehradun #LatestUpdates #SwineFlu #newsinhindi
    NEWSLIVENOW.COM
    उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई चिंता, अगस्त में 49 मरीज संक्रमित; 5 की मौत
    (न्यूज़लाइवनाउ-Uttarakhand) उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त की शुरुआत से अब तक
    0 Kommentare 0 Geteilt 340 Ansichten 0 Bewertungen
  • #NewsLiveNow उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त की शुरुआत से अब तक प्रदेश में 49 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से पांच संक्रमित मरीजों की मौत भी हुई है। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार मृतकों में अन्य गंभीर बीमारियां भी थीं।

    #LatestUpdates #newsinhindi #SwineFlu #uttarakhand #deaths #BreakingNews
    #NewsLiveNow उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त की शुरुआत से अब तक प्रदेश में 49 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से पांच संक्रमित मरीजों की मौत भी हुई है। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार मृतकों में अन्य गंभीर बीमारियां भी थीं। #LatestUpdates #newsinhindi #SwineFlu #uttarakhand #deaths #BreakingNews
    0 Kommentare 0 Geteilt 320 Ansichten 0 Bewertungen
  • #NewsLiveNow उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार सुबह भारी बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाओं ने यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। बाजपुर के पास पहाड़ से मलबा और चट्टानें सड़क पर गिरने से बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया।

    #HindiNews #LatestNews #latestnewsupdate #uttarakhand #chamoli #landslide #WeatherUpdate
    #NewsLiveNow उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार सुबह भारी बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाओं ने यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। बाजपुर के पास पहाड़ से मलबा और चट्टानें सड़क पर गिरने से बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया। #HindiNews #LatestNews #latestnewsupdate #uttarakhand #chamoli #landslide #WeatherUpdate
    NEWSLIVENOW.COM
    चमोली में भूस्खलन से 2 प्रमुख हाईवे प्रभावित
    (न्यूज़लाइवनाउ-Chamoli) उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार सुबह भारी बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाओं ने यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। बाजपुर के पास
    0 Kommentare 0 Geteilt 331 Ansichten 0 Bewertungen
  • #NewsLiveNow देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार पानी बरसने से भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है।

    #newsinhindi #latestnewsupdate #monsoon #heavyrain #himachalpradesh #uttarakhand
    #NewsLiveNow देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार पानी बरसने से भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है। #newsinhindi #latestnewsupdate #monsoon #heavyrain #himachalpradesh #uttarakhand
    NEWSLIVENOW.COM
    मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार: यूपी समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, हिमाचल में सड़कें बाधित होने का खतरा
    (न्यूज़लाइवनाउ-India) देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड समेत
    0 Kommentare 0 Geteilt 316 Ansichten 0 Bewertungen
  • #NewsLiveNow उत्तराखंड के नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में आने वाले महीनों में चार बड़े रोजगार मेले आयोजित किए जाने की तैयारी है। इन आयोजनों के जरिए करीब 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित होने वाले इन मेलों में देश की कई बड़ी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शामिल होने की संभावना है।

    #newsinhindi #LatestUpdates #uttarakhand #jobvacancy #employmentopportunities
    #NewsLiveNow उत्तराखंड के नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में आने वाले महीनों में चार बड़े रोजगार मेले आयोजित किए जाने की तैयारी है। इन आयोजनों के जरिए करीब 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित होने वाले इन मेलों में देश की कई बड़ी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शामिल होने की संभावना है। #newsinhindi #LatestUpdates #uttarakhand #jobvacancy #employmentopportunities
    NEWSLIVENOW.COM
    उत्तराखंड में युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर, चार मेगा जॉब फेयर में 10 हजार नौकरियां
    (न्यूज़लाइवनाउ-Uttarakhand) उत्तराखंड के नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश में आने वाले महीनों में चार बड़े रोजगार मेले आयोजित किए जाने
    0 Kommentare 0 Geteilt 235 Ansichten 0 Bewertungen
  • #NewsLiveNow प्रदेश में लगातार जारी बारिश ने चारधाम यात्रा की राह में एक बार फिर मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है और सड़क पर मलबा व बड़े पत्थर आने से यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम और मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी है।

    #HindiNews #LatestNews #WeatherUpdate #uttarakhand #monsoon
    #NewsLiveNow प्रदेश में लगातार जारी बारिश ने चारधाम यात्रा की राह में एक बार फिर मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है और सड़क पर मलबा व बड़े पत्थर आने से यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम और मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी है। #HindiNews #LatestNews #WeatherUpdate #uttarakhand #monsoon
    NEWSLIVENOW.COM
    उत्तराखंड में यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे पर पहाड़ से गिरा मलबा, यात्रा से पहले सड़क की स्थिति जांचने की अपील
    (न्यूज़लाइवनाउ-Uttarakhand) प्रदेश में लगातार जारी बारिश ने चारधाम यात्रा की राह में एक बार फिर मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के
    0 Kommentare 0 Geteilt 259 Ansichten 0 Bewertungen
  • #NewsLiveNow उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने से राज्यभर में 91 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। दूसरी ओर, प्रदेश के 11 बांधों और बैराजों में पानी का स्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    #HindiNews #uttarakhand #WeatherUpdate #heavyrain
    #NewsLiveNow उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने से राज्यभर में 91 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। दूसरी ओर, प्रदेश के 11 बांधों और बैराजों में पानी का स्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। #HindiNews #uttarakhand #WeatherUpdate #heavyrain
    NEWSLIVENOW.COM
    उत्तराखंड में 91 सड़कें बंद, 11 बांध और बैराज का जलस्तर खतरे के करीब
    (न्यूज़लाइवनाउ-Uttarakhand) उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने से
    0 Kommentare 0 Geteilt 455 Ansichten 0 Bewertungen
  • #NewsLiveNow उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी वर्षा ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में भूस्खलन, मलबा गिरने और सड़कें क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क बाधित हो गया है। सबसे अधिक असर चमोली जिले में देखा गया है, जहां अनेक मार्गों पर आवाजाही ठप पड़ गई है।

    #HindiNews #uttarakhand #WeatherUpdate #ChamoliUttarakhand #heavyrain
    #NewsLiveNow उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी वर्षा ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में भूस्खलन, मलबा गिरने और सड़कें क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क बाधित हो गया है। सबसे अधिक असर चमोली जिले में देखा गया है, जहां अनेक मार्गों पर आवाजाही ठप पड़ गई है। #HindiNews #uttarakhand #WeatherUpdate #ChamoliUttarakhand #heavyrain
    NEWSLIVENOW.COM
    उत्तराखंड में बारिश का कहर: 34 ग्रामीण सड़कें बंद, चमोली सबसे अधिक प्रभावित
    (न्यूज़लाइवनाउ-Uttarakhand) उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी वर्षा ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में भूस्खलन, मलबा गिरने और
    0 Kommentare 0 Geteilt 608 Ansichten 0 Bewertungen
  • #NewsLiveNow उत्तराखंड की राजनीति और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे खंडूड़ी ने देहरादून के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उनकी बेटी और उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने की।

    #HindiNews #BhuvanChandra #uttarakhand #CM #BJPGovernment
    #NewsLiveNow उत्तराखंड की राजनीति और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे खंडूड़ी ने देहरादून के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उनकी बेटी और उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने की। #HindiNews #BhuvanChandra #uttarakhand #CM #BJPGovernment
    NEWSLIVENOW.COM
    उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का 91 वर्ष की आयु में निधन
    (न्यूज़लाइवनाउ-India) उत्तराखंड की राजनीति और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी का 91 वर्ष की
    0 Kommentare 0 Geteilt 3KB Ansichten 0 Bewertungen
  • देवीधुरा वाराही धाम - उत्तराखंड


    “देवीधुरा“ हिमालयी राज्य उत्तराखंड के चम्पावत जिले में स्थित है। देवीधुरा को स्थानीय भाषा में “देधुर“ भी कहा जाता है। देवदार के विशाल वृक्षों से आच्छादित मनोहारी प्राकृतिक छटा बिखेरता देवीधुरा नामक यह तीर्थ स्थल समुद्र सतह से 6633 फीट ऊंची चोटी पर स्थित है।

    यहां की जलवायु ठण्डी है और दिसम्बर-जनवरी में बर्फ गिरती है। मां वाराही तीर्थ की चोटी पर भगवान शिव का भव्य मंदिर है। ‘मचवाल’ नाम से प्रसिद्व इस स्थल से हिमालय का जो विहरंग दृश्य दिखाई देता है वह देवीधुरा को और भी अलौकिक बना देता है।

    देवीधुरा में अनेक विशालकाय गोलाकार शिला खण्डों से बनी एक अद्भुत गुफा है। इस गुफा के भीतर अनेक मंदिर हैं जिनमें देवी देवताओं और उनके वाहनों के चित्र उकेरे गए हैं। इसी गुफा में मां वाराही देवी भी विराजमान हैं जिन्हें पिण्डिका या शिलारूप में पूजा जाता है।

    देवीधुरा स्थित श्री वाराही देवी का मंदिर आज विश्व प्रसिद्ध है। स्थानीयजन इसे ‘बाराही देवी’ कहकर पुकारते हैं। सप्तमात्रिकाओं में से एक स्वरूप मां वाराही का है। ग्रंथों में आया है कि समुद्र में डूबती पृथ्वी को उभारने हेतु भगवान विष्णु ने अवतार लिया था जिसे वराह अवतार कहा गया। वराह की जिस शक्ति ने हिरण्याक्ष का वध करके पृथ्वी को बचाया वह वाराही है। वाराही सर्व शक्तिमान हैं। उनकी तीन आंखें हैं, जिसमें दाहिनी आंख समृद्धि प्रदान करती है और बांयी आंख विद्या तथा तीसरी आंख ज्ञान की प्रतीक है। प्रकृति के रूप में वाराही सृष्टि की रचना करती है, विष्णु माया रूप में वह इसे संरक्षित रखती है तथा मृत्यु देवी के रूप में वह सृष्टि का संहार करती है।

    देवीधुरा में अनेक मंदिर हैं, जो विभिन्न देवताओं को समर्पित हैं, किन्तु यहां की मुख्य आराध्य देवी मां वाराही ही है। वाराही को यहां दो पूजास्थल समर्पित है। अर्थात असीम श्रद्धा वाली प्राचीन गुफा मंदिर की मां गुह्येश्वरी तथा सिंहासन डोला के भीतर सदैव गुप्त रहने वाली मां गुप्तेश्वरी। देवी के मंदिर में नित्य पूजा का क्रम इस प्रकार है:- गणेश पूजा, गुह्येश्वरी, द्वारपाल, भैरवथान, कालिका, मचवाल शिव पूजा और अन्त में गुप्तेश्वरी को भोग लगता है।

    शैव संप्रदाय में वाराही मां को माता सती के रूप में पूजते हैं जिसका वर्णन शिव पुराण में हुआ है। शाक्त संप्रदाय में देवी महात्म्य तथा दुर्गा सप्तसती में वाराही का वर्णन हुआ है। वाराही देवी के अनेक स्वरूप हैं। मूर्तियों में उन्हें प्रायः चतुर्भुजी या अष्ठभुजी चित्रित किया गया है। उनके दो हाथ अभय मुद्रा (भय दूर करने वाली) और वरद (सुख-संपत्ति देने वाली) मुद्रा में हैं। अन्य हाथों में वे शंख, चक्र, गदा, कमल, फल, वज्र आदि धारण किये हुए हैं।

    रक्षाबंधन के दिन यहां बग्वाल खेलने की प्रथा है। यहां फलों और पत्थरों से एक दूसरे को मारा जाता है। लाखों लोगों की मौजूदगी में होने वाली बग्वाल में 4 खामों चम्याल, गहरवाल, लमगड़िया और वालिग के अलावा सात थोकों के योद्धा फरों के साथ हिस्सा लेते हैं। रक्षाबंधन पर्व पर यहां देश ही नहीं, विदेश से भी दर्शक इस बग्वाल को देखने के लिए आते हैं।

    बताया जाता है कि यहां पहले नरबलि दी जाती थी। जब गांव की एक बुजुर्ग महिला के बेटे की बारी आई, तो उस महिला ने देवी मां की तपस्या की। देवी ने महिला को बताया कि नर बलि न देकर एक व्यक्ति के बराबर रक्त होना चाहिए। तब से लेकर अभी तक इस बग्वाल में लोग फलों और पत्थरों से खेलते हैं। जब तक लोगों को चोट नहीं लग जाती और उनके खून नहीं निकल जाता, तब तक बग्वाल खेली जाती है।

    मां बाराही धाम देवीधुरा की भीम शिला का आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व है। भीम शिला एक विशालकाय शिला है जिसे लेकर मान्यता है कि अज्ञातवास के समय पांडवों ने यहाँ वास किया और वे इस शिला के ऊपर चौसर खेलते थे।


    #varahi #devi #bhagwati #Guhyaeshwari #gupteshwari #himalayasculture #himalayas #uttarakhand
    देवीधुरा वाराही धाम - उत्तराखंड “देवीधुरा“ हिमालयी राज्य उत्तराखंड के चम्पावत जिले में स्थित है। देवीधुरा को स्थानीय भाषा में “देधुर“ भी कहा जाता है। देवदार के विशाल वृक्षों से आच्छादित मनोहारी प्राकृतिक छटा बिखेरता देवीधुरा नामक यह तीर्थ स्थल समुद्र सतह से 6633 फीट ऊंची चोटी पर स्थित है। यहां की जलवायु ठण्डी है और दिसम्बर-जनवरी में बर्फ गिरती है। मां वाराही तीर्थ की चोटी पर भगवान शिव का भव्य मंदिर है। ‘मचवाल’ नाम से प्रसिद्व इस स्थल से हिमालय का जो विहरंग दृश्य दिखाई देता है वह देवीधुरा को और भी अलौकिक बना देता है। देवीधुरा में अनेक विशालकाय गोलाकार शिला खण्डों से बनी एक अद्भुत गुफा है। इस गुफा के भीतर अनेक मंदिर हैं जिनमें देवी देवताओं और उनके वाहनों के चित्र उकेरे गए हैं। इसी गुफा में मां वाराही देवी भी विराजमान हैं जिन्हें पिण्डिका या शिलारूप में पूजा जाता है। देवीधुरा स्थित श्री वाराही देवी का मंदिर आज विश्व प्रसिद्ध है। स्थानीयजन इसे ‘बाराही देवी’ कहकर पुकारते हैं। सप्तमात्रिकाओं में से एक स्वरूप मां वाराही का है। ग्रंथों में आया है कि समुद्र में डूबती पृथ्वी को उभारने हेतु भगवान विष्णु ने अवतार लिया था जिसे वराह अवतार कहा गया। वराह की जिस शक्ति ने हिरण्याक्ष का वध करके पृथ्वी को बचाया वह वाराही है। वाराही सर्व शक्तिमान हैं। उनकी तीन आंखें हैं, जिसमें दाहिनी आंख समृद्धि प्रदान करती है और बांयी आंख विद्या तथा तीसरी आंख ज्ञान की प्रतीक है। प्रकृति के रूप में वाराही सृष्टि की रचना करती है, विष्णु माया रूप में वह इसे संरक्षित रखती है तथा मृत्यु देवी के रूप में वह सृष्टि का संहार करती है। देवीधुरा में अनेक मंदिर हैं, जो विभिन्न देवताओं को समर्पित हैं, किन्तु यहां की मुख्य आराध्य देवी मां वाराही ही है। वाराही को यहां दो पूजास्थल समर्पित है। अर्थात असीम श्रद्धा वाली प्राचीन गुफा मंदिर की मां गुह्येश्वरी तथा सिंहासन डोला के भीतर सदैव गुप्त रहने वाली मां गुप्तेश्वरी। देवी के मंदिर में नित्य पूजा का क्रम इस प्रकार है:- गणेश पूजा, गुह्येश्वरी, द्वारपाल, भैरवथान, कालिका, मचवाल शिव पूजा और अन्त में गुप्तेश्वरी को भोग लगता है। शैव संप्रदाय में वाराही मां को माता सती के रूप में पूजते हैं जिसका वर्णन शिव पुराण में हुआ है। शाक्त संप्रदाय में देवी महात्म्य तथा दुर्गा सप्तसती में वाराही का वर्णन हुआ है। वाराही देवी के अनेक स्वरूप हैं। मूर्तियों में उन्हें प्रायः चतुर्भुजी या अष्ठभुजी चित्रित किया गया है। उनके दो हाथ अभय मुद्रा (भय दूर करने वाली) और वरद (सुख-संपत्ति देने वाली) मुद्रा में हैं। अन्य हाथों में वे शंख, चक्र, गदा, कमल, फल, वज्र आदि धारण किये हुए हैं। रक्षाबंधन के दिन यहां बग्वाल खेलने की प्रथा है। यहां फलों और पत्थरों से एक दूसरे को मारा जाता है। लाखों लोगों की मौजूदगी में होने वाली बग्वाल में 4 खामों चम्याल, गहरवाल, लमगड़िया और वालिग के अलावा सात थोकों के योद्धा फरों के साथ हिस्सा लेते हैं। रक्षाबंधन पर्व पर यहां देश ही नहीं, विदेश से भी दर्शक इस बग्वाल को देखने के लिए आते हैं। बताया जाता है कि यहां पहले नरबलि दी जाती थी। जब गांव की एक बुजुर्ग महिला के बेटे की बारी आई, तो उस महिला ने देवी मां की तपस्या की। देवी ने महिला को बताया कि नर बलि न देकर एक व्यक्ति के बराबर रक्त होना चाहिए। तब से लेकर अभी तक इस बग्वाल में लोग फलों और पत्थरों से खेलते हैं। जब तक लोगों को चोट नहीं लग जाती और उनके खून नहीं निकल जाता, तब तक बग्वाल खेली जाती है। मां बाराही धाम देवीधुरा की भीम शिला का आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व है। भीम शिला एक विशालकाय शिला है जिसे लेकर मान्यता है कि अज्ञातवास के समय पांडवों ने यहाँ वास किया और वे इस शिला के ऊपर चौसर खेलते थे। #varahi #devi #bhagwati #Guhyaeshwari #gupteshwari #himalayasculture #himalayas #uttarakhand
    Love
    Like
    6
    0 Kommentare 0 Geteilt 5KB Ansichten 0 Bewertungen
  • #NewsLiveNow देश में प्रस्तावित परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण कानून के बीच उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीटों को लेकर बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। केंद्र सरकार की योजना के अनुसार संसद में सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है, जिसका सबसे ज्यादा असर बड़े राज्यों पर देखने को मिलेगा।

    #HindiNews #LatestUpdates #UPNews #LokSabha #uttarakhand

    #NewsLiveNow देश में प्रस्तावित परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण कानून के बीच उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीटों को लेकर बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। केंद्र सरकार की योजना के अनुसार संसद में सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है, जिसका सबसे ज्यादा असर बड़े राज्यों पर देखने को मिलेगा। #HindiNews #LatestUpdates #UPNews #LokSabha #uttarakhand
    NEWSLIVENOW.COM
    यूपी में लोकसभा सीटों को लेकर नया प्रस्ताव, बदल सकता है पूरा राजनीतिक समीकरण
    (न्यूज़लाइवनाउ-UP) देश में प्रस्तावित परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण कानून के बीच उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीटों को लेकर बड़ा बदलाव सामने आ सकता है।
    Like
    1
    0 Kommentare 0 Geteilt 1KB Ansichten 0 Bewertungen
  • #NewsLiveNow उत्तराखंड में भूकंप के तेज कंपन महसूस किए गए, दहशत में लोग घरों से बाहर निकले

    #Earthquake #Chamoli #Uttarakhand
    #NewsLiveNow उत्तराखंड में भूकंप के तेज कंपन महसूस किए गए, दहशत में लोग घरों से बाहर निकले #Earthquake #Chamoli #Uttarakhand
    Like
    Sad
    2
    0 Kommentare 0 Geteilt 2KB Ansichten 0 Bewertungen
Weitere Ergebnisse