Recent Actualizat
  • “भैरवी ज्योत्स्नाकृत कौलान्तकनाथ ईशपुत्र स्तुति”

    ॥ अथ श्री भैरवी ज्योत्स्नाकृत कौलान्तक नाथ ईशपुत्र स्तुति ॥

    ॐ महातपः महातपेश्वराय महातेजोमय जगत्पते।
    महासिद्ध महायोगिन महापुरुषाय नमोस्तुते ।।
    महारौद्र महानाथ महाकौल महाप्रभो।
    महाचीनज्ञ महावामज्ञ महासत्वज्ञयाय नमोस्तुते ।।

    महाअघोर महाज्ञान महाअवतार तमोहन।
    महाविकर्तन महातेज महाईश नमोस्तुते॥
    सत्याय च नमस्तुभ्यं सत्येन्द्र नाथाय च नमः ।
    महाभैरवाय च नमस्तुभ्यं अप्सरापतये नमो नमः ।।

    हठाधिपतये च नमस्तुभ्यं ईशपुत्राय वै नमः ।
    निराकाराय च नमस्तुभ्यं साकाराय नमो नमः ।।
    ईशदूताय नमस्तुभ्यं प्रत्यक्षपुरुषाय वै नमः ।
    हिमशिखराधिपतये नमस्तुभ्यं शुक्लवर्ण नमो नमः ।।

    आदि महारहस्य स्वरूपाय रुद्ररूपाय वै नमः ।
    विष्णुअंश भूताय च युगावताराय वै नमः ।।
    महेश्वर रुप्सत्वं सत्येन्द्र नाथाय नमोस्तुते ।
    ईशपुत्राय नमस्तुभ्यं बंधमोचनाय नमोस्तुते ।।

    सोम रूप नमस्तुभ्यं सर्वेश्वरानन्द नाथाय नमोस्तुते।
    महाहिमालयाधिपते नमस्तुभ्यं अकाशाधिपते नमो नमः ।।
    सिद्धरूप नमस्तुभ्यं वैष्णव नाथाय नमोस्तुते।
    कुण्डलिनी नाथाय नमस्तुभ्यं मायापति नमोस्तुते ।।

    बालरूप नमस्तुभ्यं यौवननाथाय नमोस्तुते।
    वरदाताय नमस्तुभ्यं अभयदाताय नमो नमः ।।
    नमः शान्त रूपाभ्याम शाश्वताय नमो नमः ।
    सं सिद्धाय नमस्तुभ्यं निष्कलन्काय नमो नमः ।।

    सद्चिदानंद स्वरूपाय सत्येन्द्रनाथाय ते नमः ।
    प्रसीद में नमो नित्यं श्वेतवर्णाय नमोस्तुते ।।
    प्रसीद में ईशपुत्राय नित्यस्थिताय नमो नमः ।
    क्रीं बीजोद्भवाय पूर्ण स्वरूपाय आदिनाथ तेजसे
    स्वः सम्पूर्ण मन्त्राय कं कौलनाथाय ते नमः ।।

    ।। इति श्री भैरवी ज्योत्स्नाकृत कौलान्तक नाथ ईशपुत्र स्तुति संपूर्णम ।।
    Love
    Yay
    3
    1 Commentarii 0 Distribuiri 83 Views 0 previzualizare
  • It's not at all easy to walk on the path of dharma,
    It's not easy to search for the truth,
    It's not easy to change the entire civilization
    Yet he incarnates to show the right path to those who are lost that's his glory 🪷

    #prabhuishaputraji #ishaputraji #Ishaputra #mahayogi #mahasiddha #yogiji #satyendranath #inlove #beHis #followyourheart #guru #shiv #guruofgurus #avatar #kalki #vishnu #Narayana #lotusfeet #kamalnayan #prahhu #incarnation #unconditionallove #myeverything #life #fanpage #scrolllink
    Love
    Like
    4
    0 Commentarii 0 Distribuiri 47 Views 0 previzualizare
  • ॥ अथ श्री कौलान्तक नाथ स्तुतिः ॥

    नित्यं सिद्धेश्वरं, महारहस्यकारणं, योगिजन वंदितं । प्रचण्डचंडरुपिणं शिवांशरूपं प्रणम्यं सदैवं ॥

    त्वं विराटातिविराटं, त्वं कौतुकानन्द स्वरूपं । रागलयादिकरणं, शिवांशरूपं प्रणम्यं सदैवं ॥

    ईशपुत्रोत्वं. परिपूर्णरूपं, सकल अवतारादि वंदितं ।

    शिखरपुरुषोनमस्तुभ्यं, शिवांशरूपं प्रणम्यं सदैवं ॥


    अघोरेश्वरं, ब्रह्माण्डरूपं, पापादि बंध मोचनं । सर्वकलाधारिणे, शिवांशरूपं प्रणम्यं सदैवं ॥

    महाहिमालयेश्वरं, आनन्द रासादिकारणं । भक्तानन्द प्रदायकं, शिवांशरूपं प्रणम्यं सदैवं ॥

    सर्वदा सर्वकुलनायकं, सर्व सिद्धिप्रदायकं । अक्षरपुरुष, शिवांशरूपं प्रणम्यं सदैवं ॥

    अप्सरादिवंदितं, भैरवीकुलनायकं । ममप्रेमकरणं, शिवांशरूपं प्रणम्यं सदैवं ।

    ॥ इति श्री महाभैरवी मृगाक्षी कृत श्री कौलान्तक नाथ महास्तुतिः सम्पूर्ण ॥
    Love
    Yay
    3
    0 Commentarii 0 Distribuiri 104 Views 0 previzualizare
  • धधक रही है ज्वाला
    हाथों में ले कर भाला
    चहुँ ओर कलियुग काला
    ईशपुत्र भैरव तू जाग
    चीर अँधेरा कर उजियाला!
    धधक रही है ज्वाला
    धधक रही है ज्वाला

    रण के हाथी घोड़े छोड़
    विकृत हृदय के बंध तोड़
    मानव को झकझोर
    मचा धर्म का शोर
    हाहाकारी भैरव जाग
    कुचल विधर्मी नाग
    षड़यंत्रों को तोड़
    मृत्यु भय को छोड़
    किसी से न डर
    युद्ध कर युद्ध कर
    दबोच कलियुग काला
    धधक रही है ज्वाला
    हाथों में ले कर भाला
    चहुँ ओर कलियुग काला
    ईशपुत्र भैरव तू जाग
    चीर अँधेरा कर उजियाला!
    धधक रही है ज्वाला
    धधक रही है ज्वाला
    -Yogini R Nath

    #Ishaputra #MahasiddhaIshaputra #MahayogiSatyendraNath #IshaputraBhajan #HimalayanMahasiddha #SiddhaDharma #KulantNath #KaulantakNath #iloveishaputra #scrolllink
    Love
    Yay
    3
    1 Commentarii 0 Distribuiri 114 Views 0 previzualizare
  • तोड़ कर घमंड वो, तप करे प्रचंड वो,
    रूप से है चण्ड जो, ईशपुत्र-ईशपुत्र!
    हिमालय है काम्पता, काल भी है हाँफता,
    पर्वत कदम से नापता, ईशपुत्र-ईशपुत्र!
    दिशाएं सनसना रही, प्रचंड शीत आ रही,
    श्वास भी कराह रही, ईशपुत्र-ईशपुत्र!

    कौन योगी है तू? कौन देवता?
    कौन विकट रूप है? मनुष्य बन के बैठा?
    तुझे कौन जानता है? कौन मानता?
    पुकारती है ये धरा,
    ईशपुत्र-ईशपुत्र! ईशपुत्र-ईशपुत्र!
    ईशपुत्र-ईशपुत्र! ईशपुत्र-ईशपुत्र!
    -Yogini R Nath

    #Ishaputra #MahasiddhaIshaputra #MahayogiSatyendraNath #IshaputraBhajan #HimalayanMahasiddha #SiddhaDharma #KulantNath #KaulantakNath #iloveishaputra #scrolllink
    Love
    wow
    5
    1 Commentarii 0 Distribuiri 89 Views 0 previzualizare
Mai multe povesti