0 Commentarios
0 Acciones
656 Views
0 Vista previa
Directorio
Descubre nuevas personas, crear nuevas conexiones y hacer nuevos amigos
-
Please log in to like, share and comment!
-
0 Commentarios 0 Acciones 670 Views 0 Vista previa1
-
0 Commentarios 0 Acciones 579 Views 0 Vista previa1
-
0 Commentarios 0 Acciones 546 Views 0 Vista previa1
-
0 Commentarios 0 Acciones 690 Views 0 Vista previa2
-
ये पूजन विधि का ऑडियो है जो केवल आपको मंत्र करने में आंशिक सहायता करेगा। आम तौर पर पितृ पूजन सुबह या दिन के समय किया जाता है। किन्तु आज सूर्यग्रहण के कारण कुलाचार की पितृ उपासना बहुत अधिक फलदायी होती है। इसलिए रात्रि में भी संपन्न करें। कौलान्तक पीठ में भैरव भैरवियों ने पूजन संपन्न कर लिया है। कृपया कुछ पूछने में झिझकें नहीं। आप कमेंट बॉक्स में अपने प्रश्न पूछ सकते हैं।
#scrolllink #ishaputra #Amavsya #Shraddh #PitruPaksha #iksvpये पूजन विधि का ऑडियो है जो केवल आपको मंत्र करने में आंशिक सहायता करेगा। आम तौर पर पितृ पूजन सुबह या दिन के समय किया जाता है। किन्तु आज सूर्यग्रहण के कारण कुलाचार की पितृ उपासना बहुत अधिक फलदायी होती है। इसलिए रात्रि में भी संपन्न करें। कौलान्तक पीठ में भैरव भैरवियों ने पूजन संपन्न कर लिया है। कृपया कुछ पूछने में झिझकें नहीं। आप कमेंट बॉक्स में अपने प्रश्न पूछ सकते हैं। #scrolllink #ishaputra #Amavsya #Shraddh #PitruPaksha #iksvp0 Commentarios 0 Acciones 391 Views 23 0 Vista previa
6
-
1) कुलान्त कुलाचार की पितृ उपासना में सबसे पहले पवित्रीकरण, आसन शुद्धि, अंगन्यास, गणपति ध्यान, गुरु मंडल ध्यान किया जाता है। फिर शिवलिंग या शिव विग्रह के सामने आपको 18 पत्तों को लगाना होता है। 16 पत्ते एक ओर तथा 2 पत्ते अलग से रखें। सभी पत्तों को बिछा कर उन पर पानी के छींटे दें। धूप दीप प्रज्वल्लित कर लें और सारी भोजन सामग्री पास ला कर रख लें।
#scrolllink #ishaputra #Amavsya #Shraddh #PitruPaksha #iksvp1) कुलान्त कुलाचार की पितृ उपासना में सबसे पहले पवित्रीकरण, आसन शुद्धि, अंगन्यास, गणपति ध्यान, गुरु मंडल ध्यान किया जाता है। फिर शिवलिंग या शिव विग्रह के सामने आपको 18 पत्तों को लगाना होता है। 16 पत्ते एक ओर तथा 2 पत्ते अलग से रखें। सभी पत्तों को बिछा कर उन पर पानी के छींटे दें। धूप दीप प्रज्वल्लित कर लें और सारी भोजन सामग्री पास ला कर रख लें। #scrolllink #ishaputra #Amavsya #Shraddh #PitruPaksha #iksvp0 Commentarios 0 Acciones 360 Views 0 Vista previa
4
-
2) फिर आपको सभी 18 पत्तों पर 'ॐ सर्व पितृभ्यो नम:' मंत्र बोलते हुए फलों के कटे हुए टुकड़े अर्पित करने हैं।
#scrolllink #ishaputra #Amavsya #Shraddh #PitruPaksha #iksvp2) फिर आपको सभी 18 पत्तों पर 'ॐ सर्व पितृभ्यो नम:' मंत्र बोलते हुए फलों के कटे हुए टुकड़े अर्पित करने हैं। #scrolllink #ishaputra #Amavsya #Shraddh #PitruPaksha #iksvp0 Commentarios 0 Acciones 366 Views 0 Vista previa
4
-
3) फलों के कटे हुए टुकड़ों के बाद आपको सभी 18 पत्तों पर 'ॐ सर्व पितृभ्यो नम:' मंत्र बोलते हुए रोटी के टुकड़े अथवा पूरी के टुकड़े अर्पित करने हैं।
#scrolllink #ishaputra #Amavsya #Shraddh #PitruPaksha #iksvp3) फलों के कटे हुए टुकड़ों के बाद आपको सभी 18 पत्तों पर 'ॐ सर्व पितृभ्यो नम:' मंत्र बोलते हुए रोटी के टुकड़े अथवा पूरी के टुकड़े अर्पित करने हैं। #scrolllink #ishaputra #Amavsya #Shraddh #PitruPaksha #iksvp0 Commentarios 0 Acciones 364 Views 0 Vista previa
4
-
ध्यान रहे कि धूप-दीप जल रहे हों। #scrolllink #ishaputra #Amavsya #Shraddh #PitruPaksha #iksvp0 Commentarios 0 Acciones 350 Views 0 Vista previa
4