Bureau Chief – News Live Now | CEO – AGS Industries (Solar Energy Company)
Dedicated to clean energy, truth & innovation.
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CEO- Sunvest Energy, Chief - News Live Now لدى Uttar Pradesh
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يعيش في Lucknow
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من Lucknow
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Male
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متزوج
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12/10/1982
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متابَع بواسطة 10 أشخاص
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गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः
गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म
तस्मै श्रीगुरवे नमः॥
गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं...
#GuruPurnimaगुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥ गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं... #GuruPurnima0 التعليقات 0 المشاركات 525 مشاهدة 0 معاينةالرجاء تسجيل الدخول , للأعجاب والمشاركة والتعليق على هذا! -
अब आते है मेरे हिमाचल मेरे भगवान के पास..इन्तेज़ार ख़त्म....अब आते है मेरे हिमाचल मेरे भगवान के पास..इन्तेज़ार ख़त्म....0 التعليقات 0 المشاركات 771 مشاهدة 0 معاينة
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HahahaHahaha0 التعليقات 0 المشاركات 528 مشاهدة 0 معاينة2
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सागर और मैसागर और मै0 التعليقات 0 المشاركات 549 مشاهدة 0 معاينة
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सऊदी अरब के सबसे उम्रदराज व्यक्ति, नासिर बिन रादान अल-रशीद अल-वदाई का 142 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
1884 में जन्मे नासिर की सात बेगमें थीं और उनके परिवार में बच्चों और नाती-पोतों सहित कुल 134 सदस्य थे।
उन्होंने आखिरी निकाह 110 वर्ष की आयु में 29 वर्षीय युवती से की थी और 130 वर्ष की आयु में दोबारा निकाह करने की इच्छा जाहिर की थी ।सऊदी अरब के सबसे उम्रदराज व्यक्ति, नासिर बिन रादान अल-रशीद अल-वदाई का 142 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 1884 में जन्मे नासिर की सात बेगमें थीं और उनके परिवार में बच्चों और नाती-पोतों सहित कुल 134 सदस्य थे। उन्होंने आखिरी निकाह 110 वर्ष की आयु में 29 वर्षीय युवती से की थी और 130 वर्ष की आयु में दोबारा निकाह करने की इच्छा जाहिर की थी ।1 التعليقات 0 المشاركات 580 مشاهدة 1 0 معاينة
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Baap aur beta....Baap aur beta....0 التعليقات 0 المشاركات 929 مشاهدة 0 معاينة
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सदा न संग सहेलियाँ, सदा न राजा देश।
सदा न जुग में जीवणा, सदा न काला केश।
सदा न फूलै केतकी, सदा न सावन होय।
सदा न विपदा रह सके, सदा न सुख भी होय।
सदा न मौज बसन्त री, सदा न ग्रीष्म भाण।
सदा न जोवन थिर रहे, सदा न संपत माण।
सदा न काहू की रही, गल प्रीतम की बांह।
ढ़लते ढ़लते ढ़ल गई, तरवर की सी छाँह।सदा न संग सहेलियाँ, सदा न राजा देश। सदा न जुग में जीवणा, सदा न काला केश। सदा न फूलै केतकी, सदा न सावन होय। सदा न विपदा रह सके, सदा न सुख भी होय। सदा न मौज बसन्त री, सदा न ग्रीष्म भाण। सदा न जोवन थिर रहे, सदा न संपत माण। सदा न काहू की रही, गल प्रीतम की बांह। ढ़लते ढ़लते ढ़ल गई, तरवर की सी छाँह।0 التعليقات 0 المشاركات 654 مشاهدة 0 معاينة2
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