Atualizações Recentes
  • Hahaha
    Hahaha
    Like
    2
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 82 Visualizações 0 Anterior
  • Like
    1
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 127 Visualizações 0 Anterior
  • सागर और मै
    सागर और मै
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 183 Visualizações 0 Anterior
  • Chill
    Chill
    Like
    Love
    7
    3 Comentários 0 Compartilhamentos 165 Visualizações 0 Anterior
  • सऊदी अरब के सबसे उम्रदराज व्यक्ति, नासिर बिन रादान अल-रशीद अल-वदाई का 142 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

    1884 में जन्मे नासिर की सात बेगमें थीं और उनके परिवार में बच्चों और नाती-पोतों सहित कुल 134 सदस्य थे।

    उन्होंने आखिरी निकाह 110 वर्ष की आयु में 29 वर्षीय युवती से की थी और 130 वर्ष की आयु में दोबारा निकाह करने की इच्छा जाहिर की थी ।
    सऊदी अरब के सबसे उम्रदराज व्यक्ति, नासिर बिन रादान अल-रशीद अल-वदाई का 142 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 1884 में जन्मे नासिर की सात बेगमें थीं और उनके परिवार में बच्चों और नाती-पोतों सहित कुल 134 सदस्य थे। उन्होंने आखिरी निकाह 110 वर्ष की आयु में 29 वर्षीय युवती से की थी और 130 वर्ष की आयु में दोबारा निकाह करने की इच्छा जाहिर की थी ।
    Like
    wow
    Angry
    3
    1 Comentários 0 Compartilhamentos 206 Visualizações 1 0 Anterior
  • Like
    Haha
    2
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 177 Visualizações 4 0 Anterior
  • Baap aur beta....
    Baap aur beta....
    Love
    Like
    Yay
    4
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 263 Visualizações 0 Anterior
  • Like
    Love
    2
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 201 Visualizações 2 0 Anterior
  • सदा न संग सहेलियाँ, सदा न राजा देश।
    सदा न जुग में जीवणा, सदा न काला केश।
    सदा न फूलै केतकी, सदा न सावन होय।
    सदा न विपदा रह सके, सदा न सुख भी होय।
    सदा न मौज बसन्त री, सदा न ग्रीष्म भाण।
    सदा न जोवन थिर रहे, सदा न संपत माण।
    सदा न काहू की रही, गल प्रीतम की बांह।
    ढ़लते ढ़लते ढ़ल गई, तरवर की सी छाँह।
    सदा न संग सहेलियाँ, सदा न राजा देश। सदा न जुग में जीवणा, सदा न काला केश। सदा न फूलै केतकी, सदा न सावन होय। सदा न विपदा रह सके, सदा न सुख भी होय। सदा न मौज बसन्त री, सदा न ग्रीष्म भाण। सदा न जोवन थिर रहे, सदा न संपत माण। सदा न काहू की रही, गल प्रीतम की बांह। ढ़लते ढ़लते ढ़ल गई, तरवर की सी छाँह।
    Like
    2
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 285 Visualizações 0 Anterior
  • Like
    Love
    3
    0 Comentários 0 Compartilhamentos 181 Visualizações 4 0 Anterior
  • Like
    Love
    Yay
    3
    1 Comentários 0 Compartilhamentos 178 Visualizações 4 0 Anterior
  • Coming Soon.......
    Coming Soon.......
    Like
    Love
    Yay
    7
    1 Comentários 0 Compartilhamentos 176 Visualizações 0 Anterior
Mais Stories