Recent Actualizat
  • गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः
    गुरुर्देवो महेश्वरः।

    गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म
    तस्मै श्रीगुरवे नमः॥

    गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं...

    #GuruPurnima
    गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥ गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं... #GuruPurnima
    0 Commentarii 0 Distribuiri 522 Views 0 previzualizare
  • अब आते है मेरे हिमाचल मेरे भगवान के पास..इन्तेज़ार ख़त्म....
    अब आते है मेरे हिमाचल मेरे भगवान के पास..इन्तेज़ार ख़त्म....
    Like
    Love
    2
    0 Commentarii 0 Distribuiri 770 Views 0 previzualizare
  • Hahaha
    Hahaha
    Like
    2
    0 Commentarii 0 Distribuiri 528 Views 0 previzualizare
  • Like
    1
    0 Commentarii 0 Distribuiri 524 Views 0 previzualizare
  • सागर और मै
    सागर और मै
    0 Commentarii 0 Distribuiri 549 Views 0 previzualizare
  • Chill
    Chill
    Like
    Love
    7
    3 Commentarii 0 Distribuiri 553 Views 0 previzualizare
  • सऊदी अरब के सबसे उम्रदराज व्यक्ति, नासिर बिन रादान अल-रशीद अल-वदाई का 142 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

    1884 में जन्मे नासिर की सात बेगमें थीं और उनके परिवार में बच्चों और नाती-पोतों सहित कुल 134 सदस्य थे।

    उन्होंने आखिरी निकाह 110 वर्ष की आयु में 29 वर्षीय युवती से की थी और 130 वर्ष की आयु में दोबारा निकाह करने की इच्छा जाहिर की थी ।
    सऊदी अरब के सबसे उम्रदराज व्यक्ति, नासिर बिन रादान अल-रशीद अल-वदाई का 142 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 1884 में जन्मे नासिर की सात बेगमें थीं और उनके परिवार में बच्चों और नाती-पोतों सहित कुल 134 सदस्य थे। उन्होंने आखिरी निकाह 110 वर्ष की आयु में 29 वर्षीय युवती से की थी और 130 वर्ष की आयु में दोबारा निकाह करने की इच्छा जाहिर की थी ।
    Like
    wow
    Angry
    3
    1 Commentarii 0 Distribuiri 579 Views 1 0 previzualizare
  • Like
    Haha
    2
    0 Commentarii 0 Distribuiri 573 Views 5 0 previzualizare
  • Baap aur beta....
    Baap aur beta....
    Love
    Like
    Yay
    4
    0 Commentarii 0 Distribuiri 928 Views 0 previzualizare
  • Like
    Love
    2
    0 Commentarii 0 Distribuiri 574 Views 2 0 previzualizare
  • सदा न संग सहेलियाँ, सदा न राजा देश।
    सदा न जुग में जीवणा, सदा न काला केश।
    सदा न फूलै केतकी, सदा न सावन होय।
    सदा न विपदा रह सके, सदा न सुख भी होय।
    सदा न मौज बसन्त री, सदा न ग्रीष्म भाण।
    सदा न जोवन थिर रहे, सदा न संपत माण।
    सदा न काहू की रही, गल प्रीतम की बांह।
    ढ़लते ढ़लते ढ़ल गई, तरवर की सी छाँह।
    सदा न संग सहेलियाँ, सदा न राजा देश। सदा न जुग में जीवणा, सदा न काला केश। सदा न फूलै केतकी, सदा न सावन होय। सदा न विपदा रह सके, सदा न सुख भी होय। सदा न मौज बसन्त री, सदा न ग्रीष्म भाण। सदा न जोवन थिर रहे, सदा न संपत माण। सदा न काहू की रही, गल प्रीतम की बांह। ढ़लते ढ़लते ढ़ल गई, तरवर की सी छाँह।
    Like
    2
    0 Commentarii 0 Distribuiri 652 Views 0 previzualizare
  • Like
    Love
    3
    0 Commentarii 0 Distribuiri 555 Views 4 0 previzualizare
Mai multe povesti